मूंगफली से शुगर कंट्रोल? क्या वास्तव में डायबिटीज के मरीज के लिए सुरक्षित है

Update: 2026-06-02 08:58 GMT

Lifestyle लाइफ स्टाइल : डायबिटीज के मरीजों के लिए शुगर लेवल को संतुलित रखना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। खाने-पीने की हर चीज पर सावधानी बरतनी पड़ती है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि मूंगफली खाने से शुगर लेवल नहीं बढ़ता। यह जानकारी कई लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है, लेकिन क्या यह वैज्ञानिक रूप से सही है?

मूंगफली में फैट, प्रोटीन और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मूंगफली में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, मूंगफली में प्रोटीन और फाइबर होने की वजह से खाने के बाद शुगर स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

हालांकि, मूंगफली का सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। अत्यधिक मात्रा में मूंगफली खाने से कैलोरी का स्तर बढ़ सकता है और वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि दिन में 20-30 ग्राम मूंगफली या लगभग एक मुठ्ठी मूंगफली का सेवन सुरक्षित माना जाता है।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मूंगफली को नमक या शुगर के साथ न मिलाकर खाया जाए। सोशल मीडिया पर अक्सर लोग मूंगफली को नमकीन या मीठे रूप में खाने की सलाह दे रहे हैं, जो शुगर कंट्रोल के लिए सही नहीं है। कच्ची या भुनी हुई मूंगफली डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, मूंगफली का सेवन संतुलित मात्रा में करने से टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, मूंगफली को किसी दवा की तरह ब्लड शुगर कम करने वाला उपाय नहीं माना जा सकता। यह केवल एक हेल्दी स्नैक का विकल्प है।

डायबिटीज के मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे मूंगफली को मुख्य भोजन के हिस्से के रूप में शामिल करें और साथ ही नियमित शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दवाओं का पालन करें। शुगर लेवल मॉनिटर करते रहना भी जरूरी है।

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