Lifestyle लाइफ स्टाइल : रोजमर्रा की रसोई में टमाटर और खीरा का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। टमाटर को आमतौर पर सब्जी की ग्रेवी, सलाद और चटनी में उपयोग किया जाता है, जबकि खीरा सलाद और रायते में खाया जाता है। लेकिन इन दोनों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ये सब्जी हैं या फल? वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका जवाब थोड़ा अलग है।
टमाटर का उपयोग ज्यादातर सब्जियों में स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसे कच्चा भी खाया जाता है और यह कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। टमाटर में लगभग 95 प्रतिशत पानी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, फोलेट, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे लाइकोपीन शामिल होते हैं। इसमें मौजूद साइट्रिक एसिड के कारण इसका स्वाद खट्टा होता है। माना जाता है कि टमाटर के सेवन से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है, त्वचा में निखार आता है और पाचन तंत्र बेहतर रहता है। यही कारण है कि इसे कई लोग चेहरे पर भी लगाते हैं।
विज्ञान के अनुसार टमाटर को फल माना जाता है। इसका कारण यह है कि टमाटर पौधे के फूल से विकसित होता है, जो फलों की वैज्ञानिक परिभाषा में आता है। बॉटनी यानी वनस्पति विज्ञान में फल वह होता है जो फूल के बाद विकसित होकर बीज को अपने अंदर रखता है। इसी आधार पर टमाटर को फल की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि रसोई और खाने की आदतों के अनुसार इसे सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इसी तरह खीरे को भी लेकर भ्रम रहता है। खीरे में लगभग 96 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद करता है। इसमें फाइबर, विटामिन K, विटामिन C, पोटैशियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। खीरा पाचन तंत्र को सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। वजन नियंत्रण में भी इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खीरा भी फल की श्रेणी में आता है, क्योंकि यह भी पौधे के फूल से विकसित होता है और इसमें बीज मौजूद होते हैं। लेकिन सामान्य उपयोग में इसे सलाद और सब्जी के रूप में ही जाना जाता है।इस प्रकार, टमाटर और खीरा दोनों ही विज्ञान के अनुसार फल हैं, लेकिन रसोई में इनका उपयोग सब्जी की तरह किया जाता है। यही कारण है कि आम जीवन में इनके वर्गीकरण को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है।