मुंबई: बचपन की यादों से जुड़ी मशहूर मिठाई 'बुड्ढी के बाल' यानी कॉटन कैंडी अब अपने पुराने और प्राकृतिक रूप में नजर आ रही है। आर्टिफिशियल फूड कलर्स के इस्तेमाल पर सख्ती के बाद बाजार में बिना रंग वाली कॉटन कैंडी लोगों का ध्यान खींच रही है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सफेद रंग की कॉटन कैंडी देखकर लोग इसे "असली बुड्ढी के बाल" बता रहे हैं।
यह बदलाव उस समय देखने को मिला जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बढ़ाई गई। IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे के FDA कमिश्नर बनने के बाद खाद्य सुरक्षा और अनधिकृत एडिटिव्स के इस्तेमाल को लेकर जांच अभियान तेज होने की बात सामने आई है।
गुलाबी रंग के बिना दिखी कॉटन कैंडी
आमतौर पर कॉटन कैंडी को चमकीले गुलाबी, नीले या अन्य रंगों में देखा जाता है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए इसमें अक्सर रंग मिलाए जाते हैं। लेकिन बिना कृत्रिम रंग के बनी कॉटन कैंडी बिल्कुल सफेद दिखाई देती है।
वायरल वीडियो में यही बदलाव देखने को मिला, जहां सड़क किनारे मिलने वाली लोकप्रिय मिठाई अपने प्राकृतिक रूप में नजर आई। कई लोगों ने इसे देखकर कहा कि बचपन में दिखाई देने वाली असली कॉटन कैंडी का यही रूप हुआ करता था।
फूड कलर्स को लेकर बढ़ी चिंता
खाने-पीने की चीजों में रंगों का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है, लेकिन कुछ कृत्रिम रंगों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। खासकर बच्चों द्वारा पसंद की जाने वाली रंगीन मिठाइयों और स्ट्रीट फूड में इस्तेमाल होने वाले रंगों को लेकर खाद्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में केवल उन्हीं रंगों का इस्तेमाल होना चाहिए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अनुमति दी गई हो।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया
बिना रंग वाली कॉटन कैंडी का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे पुरानी यादों से जोड़ा और कहा कि यह वही पारंपरिक रूप है जिसे उन्होंने बचपन में देखा था।
कुछ लोगों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती का स्वागत किया और कहा कि खाने की चीजों में आकर्षक रंगों से ज्यादा जरूरी उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा है।
स्वाद वही, रंग बदला
कॉटन कैंडी का स्वाद मुख्य रूप से चीनी से आता है, इसलिए रंग हटने के बाद भी इसका स्वाद काफी हद तक वही रहता है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब यह ज्यादा प्राकृतिक दिखाई दे रही है।
बुड्ढी के बाल की यह नई तस्वीर दिखाती है कि खाने की चीजों में रंग-रूप के बजाय गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। आर्टिफिशियल रंगों पर बढ़ती निगरानी के बीच यह बदलाव खाद्य उद्योग में नई बहस को जन्म दे रहा है।
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