नई दिल्ली। पुराने समय में जब बाजार में तरह-तरह के शैंपू और हेयर प्रोडक्ट उपलब्ध नहीं थे, तब दादी-नानी बालों की देखभाल के लिए प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करती थीं। इनमें **शिकाकाई और रीठा** का नाम सबसे ऊपर आता है। भारतीय परंपरा में सदियों से इन दोनों का इस्तेमाल बालों को साफ रखने और उनकी देखभाल के लिए किया जाता रहा है।शिकाकाई और रीठा प्राकृतिक हेयर केयर सामग्री मानी जाती हैं। आज भी कई लोग केमिकल वाले प्रोडक्ट्स की जगह इन्हें अपनाना पसंद करते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति अलग होती है, इसलिए किसी भी प्राकृतिक चीज का इस्तेमाल करने से पहले अपनी त्वचा और बालों की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।आइए जानते हैं शिकाकाई और रीठा के वे फायदे, जिनकी वजह से पुराने समय से इनका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
1. बालों की प्राकृतिक सफाई में मदद
रीठा को प्राकृतिक क्लींजर माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले सैपोनिन नामक तत्व झाग बनाने में मदद करते हैं, जिससे बालों और स्कैल्प की गंदगी साफ करने में सहायता मिल सकती है।दादी-नानी अक्सर रीठे का इस्तेमाल बाल धोने के लिए करती थीं, क्योंकि यह बालों से अतिरिक्त तेल और धूल हटाने में मदद करता था।शिकाकाई भी बालों की सफाई के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसे हल्का क्लीनिंग एजेंट माना जाता है।
2. बालों को मुलायम बनाने में मदद
शिकाकाई का इस्तेमाल बालों को मुलायम और संभालने में आसान बनाने के लिए किया जाता रहा है।कई लोगों का मानना है कि शिकाकाई से बालों की प्राकृतिक नमी बनी रहती है और बाल रूखे महसूस नहीं होते।नियमित देखभाल के साथ इसका इस्तेमाल बालों की बनावट को बेहतर महसूस करा सकता है।
3. बालों की चमक बढ़ाने में सहायक
पुराने समय में बालों की चमक बनाए रखने के लिए शिकाकाई और रीठे का मिश्रण इस्तेमाल किया जाता था।बालों पर जमा गंदगी और अतिरिक्त तेल हटने से बाल साफ और फ्रेश दिखाई दे सकते हैं।बालों की चमक के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही खान-पान और पर्याप्त पोषण भी जरूरी होता है।
4. स्कैल्प की देखभाल में मदद
स्वस्थ बालों के लिए स्कैल्प का साफ और संतुलित रहना जरूरी होता है।रीठा और शिकाकाई से स्कैल्प की सफाई में मदद मिल सकती है। इससे बालों की जड़ों के आसपास जमा गंदगी और तेल कम करने में सहायता मिल सकती है।हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को स्कैल्प से जुड़ी समस्या, एलर्जी या ज्यादा खुजली की परेशानी है तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
5. केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का विकल्प
आजकल कई लोग बालों पर ज्यादा केमिकल इस्तेमाल करने से बचना चाहते हैं। ऐसे में शिकाकाई और रीठा प्राकृतिक विकल्प के रूप में लोकप्रिय हैं।इनका इस्तेमाल कई लोग पारंपरिक तरीके से करते हैं, क्योंकि इनमें कृत्रिम खुशबू और कुछ अतिरिक्त रसायन नहीं होते।हालांकि बाजार में मिलने वाले सभी प्राकृतिक प्रोडक्ट पूरी तरह एक जैसे नहीं होते, इसलिए सामग्री की जानकारी जरूर पढ़नी चाहिए।
शिकाकाई-रीठा इस्तेमाल करने का तरीका
शिकाकाई और रीठे को इस्तेमाल करने के लिए पुराने समय में इन्हें पानी में भिगोकर रखा जाता था।
* रीठा और शिकाकाई को रातभर पानी में भिगो सकते हैं।
* सुबह इसे उबालकर ठंडा किया जाता है।
* फिर छानकर इसके पानी से बाल धोए जाते हैं।
कुछ लोग इसमें आंवला भी मिलाते हैं, क्योंकि आंवला भी पारंपरिक हेयर केयर में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
इस्तेमाल करते समय रखें सावधानी
प्राकृतिक चीजें होने के बावजूद हर किसी के बालों पर इनका असर एक जैसा नहीं होता।
* पहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है।
* आंखों में जाने से बचाएं।
* ज्यादा इस्तेमाल से बचें।
* बालों की समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
आज भी क्यों लोकप्रिय है शिकाकाई-रीठा?
आधुनिक समय में भी कई लोग पारंपरिक हेयर केयर की ओर लौट रहे हैं। इसकी वजह प्राकृतिक सामग्री, सरल तरीका और पुराने अनुभवों पर भरोसा है।हालांकि बालों की देखभाल में नियमित सफाई, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और सही हेयर केयर रूटीन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।