Lifestyle लाइफस्टाइल : पुदीना भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली हरी जड़ी-बूटियों में से एक है। इसकी ताजी पत्तियां चटनी, रायता, शरबत और कई तरह के व्यंजनों का स्वाद बढ़ा देती हैं। यही कारण है कि लगभग हर घर में पुदीने का इस्तेमाल नियमित रूप से किया जाता है। अच्छी बात यह है कि पुदीना उगाने के लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं होती, इसे आसानी से घर की बालकनी, छत या खिड़की में भी उगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुदीना उगाने के दो तरीके होते हैं—बीज से और टहनी से। हालांकि बीज से पौधा उगाना संभव है, लेकिन अधिकतर लोग टहनी (कटिंग) के जरिए इसे उगाना पसंद करते हैं, क्योंकि यह तरीका आसान और तेज माना जाता है। इसके लिए बाजार से ताजा पुदीना लेकर उसकी लगभग 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी टहनी चुनी जाती है। टहनी के निचले हिस्से की पत्तियां हटा दी जाती हैं और उसे पानी से भरे गिलास में रखा जाता है।
कुछ ही दिनों में टहनी में छोटी-छोटी जड़ें निकलने लगती हैं। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तो इसे मिट्टी में लगाया जा सकता है। यह प्रक्रिया घर पर पुदीना उगाने का सबसे सरल और लोकप्रिय तरीका माना जाता है।
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का सही चुनाव बेहद जरूरी होता है। पुदीना हल्की, नम और उपजाऊ मिट्टी में बेहतर तरीके से बढ़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी में गोबर की खाद या जैविक खाद मिलाने से पौधे की वृद्धि तेजी से होती है। साथ ही यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि गमले में पानी निकासी की उचित व्यवस्था हो, ताकि जड़ों में पानी जमा न हो।
पुदीने के पौधे को ज्यादा धूप की जरूरत नहीं होती, लेकिन हल्की धूप और छांव दोनों में यह अच्छी तरह बढ़ता है। नियमित रूप से पानी देना और समय-समय पर पत्तियों की कटाई करना पौधे को घना और हरा-भरा बनाए रखता है।
अगर सही तरीके से देखभाल की जाए, तो एक बार लगाया गया पुदीने का पौधा लंबे समय तक ताजा पत्तियां देता रहता है। इससे न सिर्फ बाजार से बार-बार खरीदने की जरूरत खत्म हो जाती है, बल्कि घर में हमेशा ताजा और शुद्ध पुदीना उपलब्ध रहता है।
आज के समय में जब लोग ऑर्गेनिक और हेल्दी जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में घर पर पुदीना उगाना एक आसान, सस्ता और लाभकारी विकल्प बन गया है।