Lifestyle लाइफ स्टाइल : अक्सर गृहणियां घर में दूध की मलाई इकट्ठा कर मक्खन और घी तैयार करती हैं। इसके अलावा मलाई से कई तरह की मिठाइयां और डिशेज भी बनाई जाती हैं। लेकिन कई बार शिकायत रहती है कि दूध से पर्याप्त मलाई नहीं निकलती। खासकर जब दूध पतला हो या मात्रा कम हो, तो मलाई की मात्रा भी सीमित रह जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दूध में मलाई जमने की प्रक्रिया पूरी तरह से उबालने के तरीके और ठंडा करने के प्रोसेस पर निर्भर करती है। अगर दूध को सही तकनीक से उबाला जाए, तो उसकी सतह पर मोटी परत जमती है, जिससे अधिक मलाई प्राप्त की जा सकती है।
जानकारों का कहना है कि दूध को धीमी आंच पर अच्छी तरह उबालना चाहिए और फिर उसे बिना हिलाए ठंडा होने देना चाहिए। इस प्रक्रिया से दूध की ऊपरी सतह पर मलाई की परत अच्छी तरह जम जाती है। कई लोग दूध को बार-बार हिलाते हैं या जल्दी ठंडा कर देते हैं, जिससे मलाई कम बनती है।
इसके अलावा दूध को उबालने के बाद उसे एक निश्चित तापमान पर ठंडा करना भी जरूरी माना जाता है। अगर दूध को सही तरीके से सेट होने का समय दिया जाए, तो उसकी मलाई की मात्रा काफी बढ़ सकती है।
कुछ घरेलू नुस्खों के अनुसार, बर्तन का चयन भी मलाई की मात्रा पर असर डालता है। चौड़े और मोटे तले वाले बर्तन में दूध उबालने से मलाई बेहतर तरीके से जमती है। वहीं पतले बर्तन में यह प्रक्रिया उतनी प्रभावी नहीं होती।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि दूध की गुणवत्ता और उसकी फैट कंटेंट भी मलाई की मात्रा को प्रभावित करती है। देसी या फुल क्रीम दूध से अधिक मलाई प्राप्त होती है, जबकि पतले दूध में यह मात्रा कम होती है।
कुल मिलाकर, सही तरीके से दूध उबालने और उसे ठंडा करने की प्रक्रिया अपनाकर गृहणियां कम दूध से भी बेहतर मलाई प्राप्त कर सकती हैं। यह छोटा सा बदलाव रसोई में बड़े फायदे दे सकता है।