Lifestyle : घर के मंदिर में रखे तांबे और पीतल के बर्तन पूजा-पाठ में नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। तांबे का लोटा, पीतल की थाली, दीपक, घंटी और दूसरे पूजा के बर्तन कुछ समय बाद काले, मटमैले या दागदार दिखाई देने लगते हैं। इन्हें साफ करने के लिए कई बार काफी मेहनत करनी पड़ती है। खासकर बर्तनों पर जमी पुरानी परत आसानी से नहीं हटती और बार-बार रगड़ने के बावजूद उनकी चमक वापस नहीं आती।
ऐसे में घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों की मदद से सफाई का घोल तैयार किया जा सकता है। लेमन साल्ट, नमक, सफेद सिरका और बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट का इस्तेमाल करके तांबे और पीतल के बर्तनों की सतह पर जमी गंदगी और कुछ तरह के दाग हटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर धातु और हर तरह की पॉलिश पर एक ही तरीका समान रूप से असर नहीं करता। इसलिए घोल का इस्तेमाल सावधानी से करना जरूरी है।
तांबे और पीतल के बर्तन काले क्यों पड़ जाते हैं?
तांबे और पीतल के बर्तनों का रंग समय के साथ बदलना सामान्य बात है। तांबा हवा और नमी के संपर्क में आने पर रासायनिक प्रतिक्रिया करता है, जिससे उसकी सतह पर गहरी या मटमैली परत बन सकती है। पीतल भी हवा, नमी, तेल और पूजा में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों के संपर्क में आने से अपनी चमक खो सकता है।
अगर बर्तनों को इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह नहीं धोया जाता या उन पर पानी की बूंदें रह जाती हैं, तो दाग अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकते हैं। धूप, अगरबत्ती की राख, तेल और अन्य अवशेष भी बर्तनों को गंदा बना सकते हैं।
इसी वजह से पूजा के बर्तनों की नियमित सफाई और उन्हें धोने के बाद पूरी तरह सुखाना जरूरी है।
इन चार चीजों से तैयार करें सफाई का घोल
तांबे और पीतल के बिना पॉलिश वाले बर्तनों की सामान्य सफाई के लिए कुछ घरेलू सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेमन साल्ट यानी साइट्रिक एसिड आधारित उत्पाद दागों को ढीला करने में मदद कर सकता है। सफेद सिरके में मौजूद एसिटिक एसिड भी कुछ प्रकार की सतही परत हटाने में सहायक होता है। नमक हल्की रगड़ में मदद कर सकता है, जबकि बर्तन धोने वाला डिटर्जेंट चिकनाई और सामान्य गंदगी साफ करने के लिए उपयोगी है।
घोल तैयार करने के लिए:
एक छोटे बर्तन में थोड़ा पानी लें।
उसमें बहुत कम मात्रा में लेमन साल्ट मिलाएं।
जरूरत के अनुसार थोड़ा सफेद सिरका डालें।
कुछ बूंदें बर्तन धोने वाले तरल डिटर्जेंट की मिलाएं।
नमक का इस्तेमाल करना चाहें तो उसकी बहुत कम मात्रा रखें।
ध्यान रखें कि यह एक घरेलू सफाई मिश्रण है, किसी भी प्रकार के बर्तन पर इस्तेमाल के लिए प्रमाणित उत्पाद नहीं। सभी सामग्रियों को मिलाने से हर बार बेहतर परिणाम मिलने की गारंटी नहीं है। इसलिए पहले बर्तन के किसी छोटे और कम दिखाई देने वाले हिस्से पर परीक्षण करें।
लोटे और गिलास की सफाई कैसे करें?
सबसे पहले बर्तन को सामान्य पानी से धोकर उस पर जमी धूल और ढीली गंदगी हटा दें। इसके बाद तैयार घोल को मुलायम कपड़े या नरम स्पंज की मदद से बर्तन की सतह पर लगाएं। इसे कुछ क्षण तक रहने दें और हल्के हाथ से साफ करें।
बर्तन पर जोर से रगड़ने या खुरदरे स्क्रबर का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे सतह पर खरोंच पड़ सकती है। खासकर सजावटी डिजाइन, नक्काशी और पॉलिश वाले बर्तनों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
सफाई के बाद बर्तन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि अम्लीय घोल और डिटर्जेंट के अवशेष न रहें। इसके बाद सूखे, मुलायम कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा दें। तांबे और पीतल के बर्तनों को गीला छोड़ने से पानी के निशान पड़ सकते हैं।
पूजा के बर्तनों की सफाई में इन गलतियों से बचें
तांबे और पीतल के बर्तनों को चमकाने के लिए ज्यादा मात्रा में नमक या अम्लीय पदार्थ इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। बहुत देर तक सिरका या लेमन साल्ट लगा रहने देने से कुछ सतहों पर नुकसान हो सकता है। इसी तरह स्टील के खुरदरे स्क्रबर, तार वाले ब्रश और तेज रसायनों से बर्तनों की फिनिश खराब हो सकती है।
अगर बर्तन पर सुनहरी या चांदी जैसी कोटिंग है, तो पहले यह पता करें कि उसकी सतह किस सामग्री की बनी है। ऐसे बर्तनों पर घरेलू अम्लीय मिश्रण का इस्तेमाल रंग या पॉलिश को नुकसान पहुंचा सकता है। एंटीक, धार्मिक महत्व वाले या महंगे सजावटी बर्तनों की सफाई के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
एक और जरूरी बात यह है कि किसी भी सफाई मिश्रण को ब्लीच या अन्य क्लीनिंग केमिकल के साथ न मिलाएं। अलग-अलग रसायनों को मिलाने से हानिकारक गैस या दूसरी खतरनाक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।
क्या पूजा में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों को ऐसे साफ करना सुरक्षित है?
अगर तांबे या पीतल के बर्तन से पानी पीने या खाने-पीने की चीजें रखने का काम लिया जाता है, तो सफाई के बाद उसे बहते साफ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है। बर्तन पर डिटर्जेंट, सिरका या लेमन साल्ट का कोई अवशेष नहीं रहना चाहिए। ऐसे बर्तनों में लंबे समय तक अम्लीय चीजें रखना भी उचित नहीं है।
यदि बर्तन के अंदर जंग जैसी परत, गहरे गड्ढे, उखड़ती कोटिंग या असामान्य रंग दिखाई दे, तो उसे पेयजल या भोजन के लिए इस्तेमाल करने से पहले उसकी स्थिति की जांच करें।
नियमित देखभाल से बनी रहेगी चमक
पूजा के बर्तनों को लंबे समय तक साफ रखने के लिए सबसे आसान तरीका है कि इस्तेमाल के बाद उन्हें धोकर तुरंत सुखा दिया जाए। तेल, सिंदूर, चंदन या दूसरी पूजा सामग्री के निशान लंबे समय तक जमा न रहने दें। बर्तनों को सूखी जगह पर रखें और समय-समय पर उनकी सफाई करते रहें।
घरेलू चीजों से हल्के दाग हटाने में मदद मिल सकती है, लेकिन हर बर्तन पर एक ही नुस्खा आजमाना सही नहीं है। सही सफाई विधि का चुनाव बर्तन की धातु, उसकी पॉलिश और दाग की प्रकृति को ध्यान में रखकर करना चाहिए।