साल में 2 महीने मिलने वाला खास फल

Update: 2026-06-17 15:36 GMT

Lifestyle लाइफस्टाइल : खरगोन जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में इन दिनों जामुन को लेकर अलग-अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां एक ओर शहरों के बाजारों में जामुन की कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और नर्मदा किनारे बसे इलाकों में यह फल लोगों के लिए लगभग मुफ्त उपलब्ध है। गांवों में सड़क किनारे, गलियों और खेतों के आसपास लगे जामुन के पेड़ों पर इस समय भरपूर फल आ गया है।

सुबह और शाम के समय ग्रामीण बड़ी संख्या में इन पेड़ों के पास पहुंचकर ताजे जामुन तोड़कर खा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मौसम में जामुन केवल एक-दो महीने के लिए ही मिलता है, इसलिए लोग इसे ताजा अवस्था में ही अधिक मात्रा में उपयोग करते हैं। कई जगहों पर बच्चे और बड़े मिलकर पेड़ों से सीधे फल तोड़ते देखे जा रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ शहरों में मांग अधिक होने और आपूर्ति सीमित रहने के कारण बाजारों में जामुन की कीमत बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खासकर अच्छे और बड़े आकार के जामुन की कीमत और भी अधिक बताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह फल प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होने के कारण लोग बिना खर्च के इसका आनंद ले रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह एक महंगा मौसमी फल बन गया है। यह स्थिति साफ दिखाती है कि एक ही फल की कीमत और उपलब्धता स्थान के अनुसार कितनी बदल जाती है।

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