Trisha Krishnan का शानदार कमबैक: पैन-इंडियन सिनेमा में फिर मजबूत पकड़ और ₹85 करोड़ की नेट वर्थ

Update: 2026-04-24 13:30 GMT
Entertainment मनोरंजन : तमिल सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन ने अपने लंबे करियर में एक स्थिर और मजबूत पहचान बनाई है। जहां कई समकालीन कलाकारों का करियर या तो धीमा पड़ गया या वे इंडस्ट्री से दूर हो गए, वहीं त्रिशा ने लगातार काम करते हुए खुद को एक भरोसेमंद और रणनीतिक स्टार के रूप में स्थापित किया है।
हालांकि 2010 के दशक के अंत तक उनका पीक स्टारडम थोड़ा कम हो गया था, लेकिन उन्होंने चुनिंदा और प्रभावशाली प्रोजेक्ट्स के जरिए फिर से इंडस्ट्री में अपनी मजबूत वापसी दर्ज कराई। शुरुआती दौर में उनकी आखिरी बड़ी तेलुगु फिल्म ‘दम्मू’ को माना जाता है, जिसके बाद उनके करियर में कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
त्रिशा के करियर में बड़ा टर्निंग पॉइंट मणिरत्नम की ‘पोन्नियिन सेलवन’ फ्रेंचाइज़ी रही। इस फिल्म ने उन्हें एक बार फिर बड़े बजट और पैन-इंडियन सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों की सूची में शामिल कर दिया। इस प्रोजेक्ट के बाद उनकी लोकप्रियता और मांग दोनों में बढ़ोतरी देखी गई।
इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार, त्रिशा कृष्णन की कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग ₹85 करोड़ आंकी जाती है। यह संपत्ति उन्होंने कई वर्षों तक फिल्मों, ब्रांड एंडोर्समेंट और सोच-समझकर की गई वित्तीय योजना के जरिए बनाई है।
त्रिशा ने अपने करियर की शुरुआत 1999 की फिल्म ‘जोड़ी’ में एक सहायक भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने कई सफल और कमर्शियल हिट फिल्में दीं, जिनमें ‘वर्षम’, ‘नुव्वोस्तानंते नेनोद्दंताना’, ‘घिल्ली’, ‘सामी’ और ‘आदवारी मतलाकु अर्धालु वेरुले’ जैसी फिल्में शामिल हैं।
बाद में उन्होंने अपने करियर को नए स्तर पर ले जाते हुए ‘विन्नैथांडी वरुवाया’ और ‘96’ जैसी आलोचकों द्वारा सराही गई फिल्मों में काम किया, जिससे उन्हें एक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड अभिनेत्री के रूप में नई पहचान मिली।
‘पोन्नियिन सेलवन’ सीरीज़ ने उनके करियर को फिर से मजबूत किया और उन्हें पैन-इंडिया स्तर पर स्थापित कर दिया। इस फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनाए रखा और उनकी स्टार वैल्यू को बढ़ाया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में त्रिशा प्रति फिल्म लगभग ₹10–12 करोड़ फीस लेती हैं। यह उनकी पिछली फिल्म ‘लियो’ के लिए मिली लगभग ₹5 करोड़ फीस की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा, वह सीमित लेकिन प्रीमियम ब्रांड एंडोर्समेंट्स से भी कमाई करती हैं, जिनमें ज्वेलरी ब्रांड्स शामिल हैं, जिनके लिए उन्हें कथित तौर पर ₹3–4 करोड़ तक मिलते हैं।
हालांकि ब्रांड एंडोर्समेंट्स की संख्या पहले की तुलना में कम हुई है, फिर भी उनकी कमाई स्थिर और मजबूत बनी हुई है। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि कैसे लगातार सही प्रोजेक्ट्स चुनकर और संतुलित रणनीति अपनाकर लंबे समय तक सफलता हासिल की जा सकती है।
Tags:    

Similar News