10 हजार कदम भी नहीं चल पाईं सोहा अली खान रास्ते की बाधाओं पर निकाली भड़ास
मुंबई में वॉकिंग के अनुभव पर बोलीं सोहा अली खान
मुंबई: फिटनेस को लेकर सक्रिय रहने वाली अभिनेत्री सोहा अली खान ने मुंबई में 10,000 कदम चलने का लक्ष्य रखा, लेकिन शहर की सड़कों और फुटपाथों पर सामने आई बाधाओं ने उनकी वॉक को मुश्किल अनुभव में बदल दिया। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव की झलक साझा करते हुए कुत्तों की गंदगी, खुली नालियों और पैदल रास्ते में मौजूद दूसरी रुकावटों को दिखाया। आखिरकार परेशान होकर उन्होंने कहा, 'मैंने हार मान ली।'
सोहा अली खान अक्सर अपनी फिटनेस रूटीन और वर्कआउट से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करती हैं। इस बार उन्होंने जिम के बजाय पैदल चलकर अपना दैनिक फिटनेस लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की। हालांकि बाहर निकलने के बाद उनका ध्यान कदमों की गिनती से ज्यादा रास्ते में आने वाली समस्याओं पर चला गया।
10 हजार कदम का लक्ष्य लेकर निकलीं सोहा
रोजाना पैदल चलना शारीरिक रूप से सक्रिय रहने का आसान तरीका माना जाता है। इसी सोच के साथ सोहा ने 10,000 कदम पूरे करने का लक्ष्य बनाया। शुरुआत में यह सामान्य फिटनेस वॉक जैसी थी, लेकिन आगे बढ़ने के साथ मुश्किलें सामने आने लगीं।
उन्होंने वीडियो में दिखाया कि पैदल चलने के लिए उपलब्ध जगह कई स्थानों पर सुविधाजनक नहीं थी। रास्ते में मौजूद अलग-अलग बाधाओं से बचते हुए उन्हें आगे बढ़ना पड़ा।
कुत्तों की गंदगी बनी परेशानी
सोहा ने अपने वॉकिंग रूट पर कुत्तों की गंदगी को लेकर भी परेशानी जाहिर की। फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों पर ऐसी गंदगी पैदल यात्रियों के लिए असुविधा पैदा करती है।
पालतू जानवरों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने वाले लोगों की जिम्मेदारी होती है कि वे उनके बाद जगह को साफ रखें। साफ फुटपाथ केवल सुविधा नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वच्छता से जुड़ा मुद्दा भी है।
खुली नालियां देखकर हुईं परेशान
वॉक के दौरान अभिनेत्री को खुली नालियां भी दिखाई दीं। ऐसे स्थान पैदल यात्रियों के लिए दुर्घटना का जोखिम पैदा कर सकते हैं। बारिश या कम रोशनी के दौरान खतरा और बढ़ सकता है।
इसके अलावा फुटपाथ पर दूसरी बाधाओं ने भी सोहा के 10 हजार कदम पूरे करने के लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
आखिर क्यों बोलीं 'मैंने हार मान ली'?
लगातार रुकावटों के कारण सोहा ने आखिरकार अपने अंदाज में कहा कि उन्होंने हार मान ली। उनका वीडियो मनोरंजक अंदाज में शुरू हुआ लेकिन इसने बड़े शहरों में पैदल यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल खड़ा कर दिया।
मुंबई जैसे महानगर में लाखों लोग रोजाना पैदल यात्रा करते हैं। उनके लिए सुरक्षित, साफ और बाधामुक्त फुटपाथ बेहद जरूरी हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा
सोहा के अनुभव ने फिटनेस के साथ शहरी बुनियादी सुविधाओं की ओर भी लोगों का ध्यान खींचा है। किसी शहर को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए केवल फुटपाथ बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और साफ-सफाई भी जरूरी है।
सोहा अली खान का 10,000 कदम पूरा करने का प्रयास आखिरकार एक अलग अनुभव बन गया। कुत्तों की गंदगी, खुली नालियों और दूसरी रुकावटों के बीच उनकी वॉक ने शहर में पैदल चलने की रोजमर्रा की चुनौतियों को भी सामने ला दिया।