तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ का ट्रेलर रिलीज, दृष्टिबाधित मां के किरदार में दिखेंगी अभिनेत्री
मुंबई। अभिनेत्री तापसी पन्नू की आगामी एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘गांधारी’ का ट्रेलर मंगलवार को मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रिलीज किया गया। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में मीडिया की मौजूदगी रही। फिल्म में तापसी एक ऐसी निडर मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। कहानी में मातृत्व, संघर्ष, साहस और एक्शन का मेल देखने को मिलेगा।
फिल्म की खासियत तापसी का किरदार है। वह इसमें एक दृष्टिबाधित महिला की भूमिका निभा रही हैं। इस चुनौतीपूर्ण किरदार को विश्वसनीय बनाने के लिए अभिनेत्री ने इसकी शारीरिक भाषा और दृष्टिबाधित व्यक्ति के अनुभवों को समझने पर खास ध्यान दिया। तापसी के मुताबिक, उन्होंने एक दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ काम कर यह जानने की कोशिश की कि ऐसे व्यक्ति के लिए चलना, आसपास की चीजों को महसूस करना और अपने वातावरण को समझना कैसा होता है।
दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ की तैयारी
ट्रेलर लॉन्च के दौरान तापसी ने अपने किरदार की तैयारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ मिलकर यह समझने की कोशिश की कि चलने का तरीका कैसा होना चाहिए, परछाइयां किस हद तक दिखाई दे सकती हैं और पेरिफेरल विजन यानी आसपास के दृश्य को महसूस करने का अनुभव कैसा होता है।
अभिनेत्री ने कहा कि इस तैयारी से उन्हें किरदार की बॉडी लैंग्वेज को बेहतर ढंग से समझने और उसे पर्दे पर उतारने में मदद मिली। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि फिल्म में किरदार का दृष्टिबाधित होना केवल उसकी कमजोरी के रूप में नहीं दिखाया गया है, बल्कि कुछ परिस्थितियों में यही स्थिति उसे अलग तरह से चीजों को समझने और आगे बढ़ने में मदद करती है।
मां और बच्चे के रिश्ते पर केंद्रित कहानी
‘गांधारी’ की कहानी एक मां के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके लिए उसके बच्चे की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अपने बच्चे को बचाने के लिए वह तमाम मुश्किलों का सामना करती है। फिल्म का ट्रेलर उसके संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की झलक पेश करता है।
तापसी का किरदार परिस्थितियों से हार मानने के बजाय उनका सामना करता दिखाई देता है। एक्शन थ्रिलर के रूप में फिल्म में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां और तनावपूर्ण क्षण देखने को मिलने की उम्मीद है। मातृत्व की भावना के साथ एक्शन का संयोजन कहानी को अलग स्वरूप देता है।
चुनौतीपूर्ण भूमिका में तापसी
तापसी पन्नू अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के लिए जानी जाती हैं। ‘गांधारी’ में भी उन्होंने ऐसा किरदार चुना है, जिसमें अभिनय के साथ शारीरिक तैयारी की भी जरूरत थी। दृष्टिबाधित महिला की भूमिका निभाने के लिए केवल संवाद और भाव-भंगिमा ही नहीं, बल्कि चलने और आसपास की चीजों पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को भी विश्वसनीय बनाना जरूरी था।
इसी वजह से अभिनेत्री ने वास्तविक दृष्टिबाधित व्यक्ति के अनुभवों को समझने की कोशिश की। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया ने किरदार की बारीकियों को पकड़ने में उनकी मदद की।
किरदार की कमजोरी ही बन सकती है ताकत
फिल्म में दृष्टिबाधिता को किस तरह कहानी का हिस्सा बनाया गया है, यह ‘गांधारी’ की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। तापसी के मुताबिक, दर्शकों को यह भी देखने को मिलेगा कि उनके किरदार की दृष्टिबाधित स्थिति किस तरह कुछ परिस्थितियों में उसके लिए मददगार साबित होती है।
यानी फिल्म में किरदार को केवल सहानुभूति के नजरिए से पेश करने के बजाय उसकी क्षमताओं और परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता पर भी जोर दिया गया है। यह पहलू कहानी को सामान्य एक्शन फिल्मों से अलग करने की कोशिश करता है।
ट्रेलर से बढ़ी फिल्म को लेकर उत्सुकता
मुंबई में ट्रेलर लॉन्च के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। तापसी के प्रशंसक भी इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि अभिनेत्री इस बार एक्शन से भरपूर भूमिका में किस तरह नजर आएंगी।
ट्रेलर में मां और बच्चे के रिश्ते के साथ खतरे और संघर्ष का माहौल बनाया गया है। कहानी का केंद्रीय भाव अपने बच्चे की रक्षा के लिए मां की किसी भी सीमा तक जाने की तैयारी है।
मातृत्व के साथ एक्शन का मेल
‘गांधारी’ का मूल आधार मातृत्व है, लेकिन फिल्म को केवल भावनात्मक कहानी के रूप में नहीं रखा गया है। इसमें एक्शन और थ्रिल का महत्वपूर्ण स्थान है। मां अपने बच्चे को बचाने के लिए जिन परिस्थितियों से गुजरती है, वही कहानी में तनाव और रोमांच पैदा करती हैं।
तापसी का दृष्टिबाधित किरदार इस संघर्ष को और चुनौतीपूर्ण बनाता है। इसके बावजूद वह अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए लगातार आगे बढ़ती है।
अभिनय के लिए खास तैयारी
तापसी ने जिस तरह वास्तविक दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ काम करके किरदार की तैयारी की, उससे यह संकेत मिलता है कि फिल्म में भूमिका को वास्तविकता के करीब रखने का प्रयास किया गया है। चलने का तरीका, आसपास की चीजों को महसूस करना और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करना उनके लिए अभिनय का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
अभिनेत्री के अनुसार, इस तैयारी ने उन्हें यह समझने में मदद की कि दृष्टिबाधिता किसी व्यक्ति के अनुभवों को किस तरह प्रभावित करती है। साथ ही फिल्म में यह भी दिखाया जाएगा कि उनका किरदार अपनी स्थिति के साथ किस तरह तालमेल बनाकर आगे बढ़ता है।
‘गांधारी’ के ट्रेलर ने फिल्म की कहानी और तापसी पन्नू के चुनौतीपूर्ण किरदार की झलक पेश कर दी है। एक निडर मां, अपने बच्चे की सुरक्षा का संघर्ष और दृष्टिबाधिता के साथ जिंदगी से लड़ने की कहानी फिल्म को खास बनाती है। अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि तापसी का यह नया अवतार पर्दे पर कितना प्रभाव छोड़ता है।