पिता से रिश्ते पर भावुक हुए तेज प्रताप यादव कहा कौन बेटा नहीं चाहता पिता जैसा बनना
मुंबई : भोजपुरी मनोरंजन जगत का चर्चित रियलिटी शो **‘भोजपुरी बवाल’** इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। शो में भोजपुरी सिनेमा के कई लोकप्रिय चेहरे नजर आ रहे हैं। आम्रपाली दुबे, पवन सिंह और अन्य चर्चित कलाकारों के बीच बिहार के पूर्व मंत्री और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी शो का हिस्सा हैं। शो के दौरान तेज प्रताप अपने निजी जीवन और परिवार से जुड़े कई सवालों का सामना करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान पिता लालू प्रसाद यादव के साथ अपने रिश्ते को लेकर बात करते हुए तेज प्रताप भावुक हो गए।
जियो हॉटस्टार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया गया है। इसमें पत्रकार और एंकर शुभांकर मिश्रा तेज प्रताप यादव से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान शुभांकर ने तेज प्रताप से उनके पिता लालू यादव के साथ रिश्ते को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप में उनके पिता की झलक दिखाई देती है और पूछा कि क्या वह भी अपने पिता की तरह बनना और बड़ा नाम कमाना चाहते हैं।
इस सवाल के जवाब में तेज प्रताप ने कहा कि आखिर कौन बेटा नहीं चाहता कि वह अपने पिता की तरह बने और नाम कमाए। उन्होंने कहा कि हर बेटा चाहता है कि वह अपने पिता की तरह सफलता हासिल करे और अपना नाम बनाए। तेज प्रताप की इस बात से साफ नजर आया कि उनके मन में आज भी अपने पिता के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव मौजूद है।
बातचीत आगे बढ़ी तो तेज प्रताप से परिवार से अलग रहने को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या घर और परिवार से अलग रहने पर उन्हें तकलीफ होती है। इस सवाल पर तेज प्रताप ने बेहद भावुक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर भगवान ने यही लिखा है तो यही होगा। उनके मुताबिक विधाता ने जो लिखा है, उसे बदला नहीं जा सकता और इसमें इंसान या कोई दूसरा व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता।
तेज प्रताप का यह बयान उनके पारिवारिक रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, तेज प्रताप पिछले काफी समय से अपने परिवार से अलग रह रहे हैं। उनके परिवार से दूरी की शुरुआत उस समय हुई थी, जब उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर परिवार में विवाद खड़ा हुआ था। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेज प्रताप के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ निजी तस्वीरें और पोस्ट सामने आए थे, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव ने सार्वजनिक रूप से उनसे दूरी बनाने का फैसला किया था।
लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा था कि तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से अलग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अब परिवार और पार्टी में तेज प्रताप की कोई भूमिका नहीं होगी और उन्हें पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया गया है। इस फैसले के बाद तेज प्रताप अलग बंगले में रहने लगे।
परिवार से राजनीतिक दूरी बनने के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी अलग राजनीतिक राह भी अपनाई। उन्होंने **जनशक्ति जनता दल** नाम से अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई और बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। हालांकि, चुनाव में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली और वह खुद भी चुनाव हार गए।
अब ‘भोजपुरी बवाल’ के मंच पर तेज प्रताप का अपने पिता को लेकर भावुक होना चर्चा में है। शो में उनसे उनके निजी जीवन के अलावा उनके पारिवारिक रिश्तों और पिता के साथ संबंधों को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं। तेज प्रताप ने जिस तरह से ‘विधाता ने जो लिखा है, वो होगा’ कहा, उससे उनके प्रशंसक और शो देखने वाले लोग उनके बयान के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
भोजपुरी बवाल में तेज प्रताप की मौजूदगी शो को राजनीतिक और मनोरंजन दोनों नजरिए से खास बना रही है। एक तरफ जहां शो में भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े सितारे अपनी निजी जिंदगी, करियर और विवादों को लेकर खुलकर बात कर रहे हैं, वहीं तेज प्रताप के आने से राजनीतिक परिवार से जुड़े पहलू भी सामने आ रहे हैं। शो में उनकी बातचीत और बयान लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहे हैं।
तेज प्रताप के इस भावुक बयान ने एक बार फिर उनके और लालू यादव के रिश्ते को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने अपने पिता से दूरी के सवाल पर किसी तरह की राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय इसे किस्मत और विधाता से जोड़कर जवाब दिया। उनके इस अंदाज से यह जरूर सामने आया कि परिवार से अलग होने के बावजूद पिता के प्रति उनका भावनात्मक जुड़ाव उनके लिए अब भी महत्वपूर्ण है।