Entertainment,मनोरंजन : 70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स 2025 की चमक-धमक से सजी रात में जहां सितारों का जमावड़ा रहा, वहीं तकनीकी श्रेणियों में भी इस बार जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस समारोह में  हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'मुंज्या ने  बेस्ट VFX (विजुअल इफेक्ट्स)** का पुरस्कार जीतकर सबको चौंका दिया, जबकि राघव जुयाल  की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'किल को 'बेस्ट एडिटिंग' का सम्मान मिला।
ये दोनों फिल्में भले ही मुख्य कैटेगरी में न छाई हों, लेकिन तकनीकी पहलुओं में इन्होंने अपना लोहा मनवाया और साबित कर दिया कि कंटेंट के साथ टेक्नोलॉजी का सही तालमेल भी दर्शकों के दिल जीत सकता है।
मुंज्या: भारतीय VFX का नया स्तर
डायरेक्टर आदित्य सापोटदार की फिल्म 'मुंज्या’' एक हॉरर-कॉमेडी थी, जो एक लोककथा पर आधारित थी। फिल्म में 'CGI कैरेक्टर 'मुंज्या'' को इतनी रियलिस्टिक और प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया कि दर्शक चौंक उठे।
फिल्म में वीएफएक्स की जिम्मेदारी संभालने वाली टीम को यह अवॉर्ड मिलने पर सोशल मीडिया पर भी जमकर बधाइयां मिलीं।
विजुअल इफेक्ट्स ने न केवल कहानी को मज़बूती दी, बल्कि भारतीय सिनेमा के VFX स्टैंडर्ड को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी।
फिल्म के निर्माता मडॉक फिल्म्स  (Maddock Films) की यह एक और उपलब्धि रही, जिन्होंने इससे पहले भी ‘स्त्री’ और ‘भेड़िया’ जैसी फिल्मों में VFX का उम्दा इस्तेमाल किया था।
'किल': राघव जुयाल की फिल्म को मिला बेस्ट एडिटिंग
एक्शन-थ्रिलर *‘किल’* को क्रिटिक्स और दर्शकों से काफी सराहना मिली थी। लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी इसकी **टाइट एडिटिंग**, जिसने दर्शकों को पूरी फिल्म में बांधे रखा।
*बेस्ट एडिटिंग अवॉर्ड* जीतकर 'किल' ने साबित कर दिया कि कैसे सही एडिटिंग किसी फिल्म की रफ्तार, इमोशन और थ्रिल को कई गुना बढ़ा देती है।
फिल्म में राघव जुयाल के जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस, सिनेमेटोग्राफी और साउंड कट्स को जिस तरह जोड़ा गया, उसने एक इंटरनेशनल लेवल का अनुभव दिया।
एडिटर *शिवकुमार वी. पनिचेरिल की तारीफ करते हुए फिल्म के निर्देशक ने कहा,
"अगर हमारी फिल्म आज एक्शन प्रेमियों के दिलों में जगह बना पाई है, तो उसका बड़ा क्रेडिट एडिटिंग को जाता है।"
तकनीकी कैटेगरी में टैलेंट की झलक
इस बार फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सिर्फ स्टार पावर नहीं, बल्कि **बैकग्राउंड में काम करने वाले तकनीकी कलाकारों** को भी खुलकर सराहा गया।
वीएफएक्स, एडिटिंग, साउंड डिजाइन, कॉस्ट्यूम, प्रोडक्शन डिजाइन जैसी श्रेणियों में विविध फिल्मों ने बाज़ी मारी और यह साफ किया कि बॉलीवुड अब सिर्फ कहानी नहीं, प्रेजेंटेशन और टेक्नोलॉजी पर भी उतना ही ध्यान दे रहा है।
 सोशल मीडिया पर फैंस का रिएक्शन
'मुंज्या' और 'किल' को मिले इन अवॉर्ड्स के बाद ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फैंस ने जमकर अपनी खुशी जाहिर की।
एक यूजर ने लिखा:
मुंज्या' को देखकर ऐसा लगा कि हॉलीवुड में बैठा हूं। VFX शानदार था। अवॉर्ड डिजर्व करता था।*"
वहीं एक और फैन ने ट्वीट किया:
किल' की एडिटिंग इतनी टाइट थी कि पलक झपकाने का वक्त नहीं मिला। बढ़िया काम, बढ़िया अवॉर्ड।
70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स 2025 ने यह साबित कर दिया कि अब भारतीय सिनेमा तकनीक के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 'मुंज्या' और 'किल' जैसी फिल्में बताती हैं कि अगर तकनीक, विज़न और कहानी का सही तालमेल हो**, तो दर्शकों को एक नया अनुभव दिया जा सकता है।
जहां एक ओर स्टार किड्स, गाने और डांस पर रोशनी रही, वहीं इस बार VFX और एडिटिंग जैसी "अदृश्य शक्तियों" को भी लाइमलाइट** मिली — और यही भारतीय सिनेमा की अगली पीढ़ी की पहचान होगी।
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