असल घटना पर बनी thriller film खड़े हो जाएंगे रोंगटे

Update: 2026-06-12 10:48 GMT

मनोरंजन:OTT पर रिलीज़ हुई ‘वेलकम होम’: असल घटना पर आधारित डरावनी सर्वाइवल थ्रिलर

सोनीलिव पर स्ट्रीम हो रही फिल्म वेलकम होम कोई आम हॉरर या मसाला थ्रिलर नहीं है। यह एक डार्क और रोंगटे खड़े कर देने वाली सर्वाइवल थ्रिलर है, जिसे देखने के बाद दर्शकों का दिल दहल जाएगा। साल 2020 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को परेश रावल ने प्रोड्यूस किया था और IMDb पर इसकी रेटिंग 7.3 है। खास बात यह है कि यह फिल्म एक रियल लाइफ इंसिडेंट पर आधारित है।

कहानी दो सरकारी स्कूल की टीचर्स – अनुजा (काश्मीरा ईरानी) और नेहा (स्वर्दा थिगले) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों को नागपुर के एक दूरदराज इलाके में जनगणना का डेटा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी मिलती है। ड्यूटी के दौरान वे एक जर्जर मकान में पहुंचती हैं, जहां एक अजीबोगरीब परिवार रहता है। वहां उन्हें प्रेरणा (टीना भाटिया) नाम की गर्भवती महिला मिलती है, जो दबे-छिपे शब्दों में उन्हें वहां से भाग जाने का इशारा करती है। धीरे-धीरे दोनों टीचर्स को एहसास होता है कि इस घर में कुछ बहुत खतरनाक चल रहा है। लेकिन जब वे भागने की कोशिश करती हैं, तब तक वे पूरी तरह उस नरक में फंस चुकी होती हैं।

यह फिल्म केवल थ्रिलर ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा सोशल मैसेज भी है। फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि समाज में महिलाओं को अपनी मर्जी से जीने का अधिकार अक्सर नहीं दिया जाता। फिल्म की क्रूरता इतनी सच्ची और दर्दनाक है कि कमजोर दिल वाले इसे देख भी नहीं पाएंगे। डराने के लिए इसमें किसी भूत-प्रेत या लाउड बैकग्राउंड म्यूजिक की जरूरत नहीं है; वहां का सन्नाटा ही दर्शकों की रीढ़ में कंपन पैदा कर देता है।

फिल्म का अंत दर्शकों के लिए और भी डरावना होता है, क्योंकि यह खुलासा होता है कि कहानी नागपुर (महाराष्ट्र) के पास हुई असली घटना से प्रेरित है। एक परिवार ने सालों तक महिलाओं को बंधक बनाकर रखा था। इस तथ्य को जानकर फिल्म का डर और वास्तविक लगता है।

वेलकम होम हर किसी के देखने के लिए नहीं है। इसमें घरेलू हिंसा, शारीरिक और मानसिक शोषण के बेहद संवेदनशील और हिंसक दृश्य हैं। गंभीर और कड़वी सिनेमा देखने की हिम्मत रखने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म एक मास्टरपीस साबित हो सकती है।

फिल्म में सामाजिक संदेश, सच्चाई पर आधारित कहानी और सस्पेंस का बेहतरीन मिश्रण है। इसे देखने के बाद दर्शक न केवल थ्रिलर का रोमांच महसूस करेंगे, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति पर भी सोचने को मजबूर होंगे।

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