'द मेग' का वो सीन जिसके लिए जुटी हजारों की भीड़, क्लाइमैक्स शूट में छूटे डायरेक्टर के पसीने

Update: 2026-08-01 12:39 GMT

मनोरंजन  :  हॉलीवुड की मशहूर मॉन्स्टर फिल्म 'द मेग' साल 2018 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। विशालकाय आदमखोर शार्क पर आधारित इस फिल्म ने दर्शकों को रोमांच और डर का ऐसा अनुभव दिया, जिसने इसे दुनियाभर में लोकप्रिय बना दिया। फिल्म का क्लाइमैक्स सीन खास तौर पर चर्चा में रहा था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सीन को शूट करना मेकर्स के लिए आसान नहीं था। हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद एक ऐसा समय आया जब शूटिंग का माहौल गंभीर सीन से ज्यादा किसी बड़े सेलिब्रेशन जैसा बन गया था।

करीब 1085 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 4420 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। फिल्म में हॉलीवुड स्टार जेसन स्टैथम ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की कहानी समुद्र की गहराइयों में मौजूद एक विशाल प्रागैतिहासिक शार्क मेगालोडन के इर्द-गिर्द घूमती है। दर्शकों को फिल्म के एक्शन और वीएफएक्स काफी पसंद आए थे।

फिल्म के क्लाइमैक्स में दिखाया गया था कि एक विशाल शार्क समुद्र के किनारे लोगों के बीच आतंक मचा देती है। इस सीन को वास्तविक दिखाने के लिए मेकर्स ने चीन के सान्या बे बीच पर शूटिंग की थी। इस दौरान करीब 2000 एक्स्ट्रा कलाकारों को सेट पर बुलाया गया था, ताकि समुद्र किनारे भगदड़ और डर का माहौल असली लगे।

हालांकि, मेकर्स की परेशानी तब शुरू हुई जब इतने सारे लोगों के साथ शूटिंग करना मुश्किल हो गया। जिस सीन में लोगों को विशाल शार्क से डरकर भागना था, वहां कई एक्स्ट्रा कलाकार कैमरे के सामने घबराने के बजाय हंसते-मुस्कुराते नजर आए। सेट का माहौल किसी फिल्मी शूटिंग से ज्यादा एक बड़े आयोजन जैसा लगने लगा था। इसके कारण डायरेक्टर को कई बार रीटेक लेने पड़े।

फिल्म की टीम ने इस समस्या को तकनीक और वीएफएक्स की मदद से हल किया। कई टेक लेने के बाद ऐसे शॉट चुने गए जिनमें कलाकारों के एक्सप्रेशन बेहतर थे। इसके बाद बाकी हिस्सों में वीएफएक्स की सहायता से डर और चिंता वाले भाव जोड़े गए। इस मेहनत के बाद ही क्लाइमैक्स सीन को वैसा रूप दिया जा सका, जैसा दर्शकों ने बड़े पर्दे पर देखा।

फिल्म का सबसे कठिन सीन क्लाइमैक्स नहीं बल्कि वह दृश्य था, जिसमें विशाल मेगालोडन समुद्र की सतह को चीरते हुए बाहर आती है। इस सीन को तैयार करने में वीएफएक्स टीम को सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। पानी की लहरों, शार्क की गति और समुद्र के प्रभाव को कंप्यूटर पर वास्तविक रूप देना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

जानकारी के मुताबिक, इस सीन पर काम फिल्म की शुरुआत में ही शुरू कर दिया गया था, लेकिन इसे पूरा करने में इतना समय लगा कि यह फिल्म का आखिरी तैयार होने वाला शॉट बना। रिलीज से ठीक पहले इस सीन को अंतिम रूप दिया गया। पानी के मूवमेंट को डिजिटल तरीके से तैयार करना पूरी टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ।

इसके अलावा फिल्म में एक और चर्चित सीन था, जिसमें मेगालोडन शार्क और ग्लाइडर्स के बीच टक्कर दिखाई गई थी। देखने में यह सीन पूरी तरह वास्तविक लगता है, लेकिन इसे असल पानी में शूट नहीं किया गया था। इस पूरे सीक्वेंस को स्टूडियो में ग्रीन स्क्रीन और विजुअल इफेक्ट्स की मदद से फिल्माया गया था।

मेकर्स ने बिना असली समुद्री परिस्थितियों के केवल तकनीक के सहारे ऐसा माहौल तैयार किया, जिससे दर्शकों को लगा कि कलाकार वास्तव में समुद्र के बीच मौजूद हैं। यही कारण है कि फिल्म के वीएफएक्स और एक्शन सीक्वेंस की जमकर तारीफ हुई।

'द मेग' की सफलता के पीछे सिर्फ इसकी कहानी ही नहीं बल्कि इसकी शानदार तकनीकी टीम, वीएफएक्स और कठिन शूटिंग प्रक्रिया भी बड़ी वजह रही। हजारों कलाकारों की भीड़ से लेकर कंप्यूटर पर तैयार किए गए समुद्री दृश्यों तक, फिल्म को पर्दे पर लाने के लिए मेकर्स को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी हॉलीवुड की चर्चित मॉन्स्टर फिल्मों में गिनी जाती है।

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