बैठक से हल निकलना जरूरी
यदि राजनीतिक संकेतों को समझा जाये तो मोदी सरकार किसानों की समस्याओं का हल आज 30 दिसम्बर को होने वाली बैठक में निकालना
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। यदि राजनीतिक संकेतों को समझा जाये तो मोदी सरकार किसानों की समस्याओं का हल आज 30 दिसम्बर को होने वाली बैठक में निकालना चाहती है। यह बैठक इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका प्रस्ताव सरकार की तरफ से आया था जिसे किसानों ने स्वीकार किया मगर यह निष्कर्ष भी नहीं निकाला जा सकता है कि किसान संगठन तीनों कृषि विधेयकों को वापस लेने की अपनी मांग से पीछे हट रहे हैं। अब प्रश्न यह है कि जो भी हल निकलेगा वह बीच का कोई ऐसा रास्ता निकाल कर ही निकलेगा जिससे तीनों कानूनों के प्रति किसानों की आशंकाएं भी समाप्त हो जायें और सरकार भी यह कह सके कि उसने कृषि कानूनों से सभी विवादास्पद विषयों को हटा लिया है। सबसे मूल प्रश्न यह है कि किसान इन तीन कानूनों का विरोध क्यों कर रहे हैं जबकि सरकार कह रही है कि इनके आने से उनकी आर्थिक दशा सुधरेगी और कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। पक्के तौर पर सरकार की नीति कृषि क्षेत्र का विकास कार्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी में करने की है।