Delhi दिल्ली के कॉलेज कैंपस वोटर रजिस्ट्रेशन पॉइंट बन गए। युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग स्पेशल कैंप में पहुंचे ताकि वे वोटर लिस्ट में अपना नाम देख सकें, रजिस्ट्रेशन करवा सकें और चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) से जुड़े सवालों के जवाब पा सकें। 29 और 30 सितंबर को आयोजित इस दो-दिवसीय कैंप का मकसद खास तौर पर उन छात्रों तक पहुँचना है जो हाल ही में 18 साल के हुए हैं या जिन्होंने अभी तक वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। जो लोग 1 अक्टूबर को या उससे पहले 18 साल के हो रहे हैं, उनसे वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए 'फॉर्म-6' जमा करने को कहा गया है, जबकि मौजूदा वोटर इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अपनी जानकारी वेरिफाई करने और उसमें सुधार करवाने के लिए कर सकते हैं।
कैंपस-लेवल पर यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब राजधानी में वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया तेज़ी पकड़ रही है। चुनाव आयोग ने 7 और 8 अक्टूबर को कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ और दूसरे शिक्षण संस्थानों में स्पेशल कैंप का एक और दौर भी तय किया है। इसके अलावा, 4 और 11 अक्टूबर को पोलिंग स्टेशनों पर सभी कैटेगरी के वोटरों के लिए कैंप लगाए जाएँगे।
छात्रों के लिए, इन कैंपों ने रजिस्ट्रेशन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने का मौका दिया, बिना किसी अलग प्रक्रिया से गुज़रे। वहीं, चुनाव अधिकारियों ने कैंपस का इस्तेमाल नए योग्य वोटरों के बड़े समूह तक पहुँचने के लिए किया।
ECI ने उन वोटरों के लिए भी प्रक्रिया आसान कर दी है जिन्हें उनकी वोटर जानकारी में अनमैप्ड या लॉजिकल गड़बड़ियों के कारण नोटिस मिले हैं। बूथ-लेवल अधिकारी ऐसे वोटरों के घर जाकर दस्तावेज़ इकट्ठा करेंगे और उन्हें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर द्वारा विचार के लिए अपलोड करेंगे। सुनवाई अब केवल खास मामलों में और ज़्यादातर ऑनलाइन ही होगी।
मंगलवार तक, दिल्ली में ऐसे मामलों में 4,01,670 सुनवाई हो चुकी थी। दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है, और फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर को पब्लिश की जाएगी। अब जब रजिस्ट्रेशन कैंप कैंपस में पहुँच रहे हैं, तो सुधार प्रक्रिया का फोकस इस बात पर भी तेज़ी से बढ़ रहा है कि योग्य युवा वोटर वोटर लिस्ट में शामिल होने से न छूट जाएँ।
Tags: