देश के कई हिस्सों में फिर बदलेगा मौसम, भारी बारिश बिजली गिरने और तूफान की संभावना
देश के कई हिस्सों में फिर बदलेगा मौसम, भारी बारिश बिजली गिरने और तूफान की संभावना
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर से देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना जताई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लेकर दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात से उत्तर प्रदेश के मध्य भागों तक निचले और मध्य क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
IMD के अनुसार, 13 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं 13 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और 10 से 13 सितंबर के बीच उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, चंबा और कुल्लू जिलों में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है।
बिहार में बाढ़ का संकट गहराने की आशंका
बारिश के नए दौर से बिहार में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। राज्य में पहले से ही 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 29.13 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। सितंबर में अब तक बिहार में सामान्य से 55 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अब तक 69.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पटना के गांधी घाट और हाथीदह इलाके में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
शिमला में 59 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन का असर अभी भी जारी है। प्रदेश में कई जगहों पर मलबा आने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण 59 सड़कें अभी भी बंद हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा 29 सड़कें और कुल्लू में 11 सड़कें प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से बंद रास्तों को खोलने का काम जारी है।
प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक सार्वजनिक और निजी संपत्ति को करीब 1,423 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंच चुका है।
पूर्वी भारत में भी तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में बिजली गिरने की घटना में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।
हरियाणा में बढ़ेगा तापमान
दूसरी ओर हरियाणा में मानसून की सक्रियता कम होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हिसार में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 12 सितंबर तक राज्य में बारिश की संभावना कम है। इस दौरान मौसम परिवर्तनशील रहेगा और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
कृषि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश की कमी जारी रही तो इसका असर फसलों पर भी पड़ सकता है।
किसानों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर निचले इलाकों, नदी किनारे रहने वाले लोगों और किसानों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मानसून के इस नए दौर से जहां कई इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं पहले से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है।