कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में विनेश चंदेल को जमानत, Delhi कोर्ट ने लगाईं शर्तें

Update: 2026-04-30 07:00 GMT

Delhi दिल्ली: एक अदालत ने गुरुवार को I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमानत याचिका का विरोध नहीं किया, जिसके आधार पर राहत प्रदान की गई।

हालांकि, अदालत ने जमानत मंजूर करते समय कई शर्तें भी लगाई हैं। विस्तृत आदेश का अभी इंतजार किया जा रहा है, जिसमें शर्तों का पूरा विवरण सामने आएगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कुछ प्रतिबंधों के साथ राहत दी जा रही है।

इससे पहले, 14 अप्रैल को अदालत ने ED को विनेश चंदेल से 10 दिनों तक हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी थी। उस समय कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि आरोपी कथित तौर पर कई करोड़ रुपये के अपराध से जुड़े धन को बनाने, उसे इधर-उधर लगाने और छिपाने जैसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।

ED ने पूछताछ के बाद 13 अप्रैल को विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में सामने आए कथित कोयला घोटाले से जुड़ा है, जिसमें अवैध खनन और उससे उत्पन्न धन के लेन-देन की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध धन के लेन-देन और उसे वैध बनाने की कोशिशों की जांच की जा रही है। वहीं, आरोपी पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया गया है और जांच में पूरा सहयोग दिया गया है।

अदालत के ताजा आदेश के बाद विनेश चंदेल को फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन केस की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे जारी रहेगी। मामले में ED की जांच अभी भी चल रही है और आगे कई अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

इस केस को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में भी चर्चा बनी हुई है, क्योंकि यह मामला पश्चिम बंगाल में कथित बड़े आर्थिक घोटाले से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अब सभी की नजरें कोर्ट के विस्तृत आदेश और आगे की जांच पर टिकी हैं।

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