New Delhi : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में सम्राट पेरुम्बिदुगु मुथरैयार द्वितीय (सुवरन मारन) के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर बोलते हुए, उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा तमिल संस्कृति और भाषा को दिए जा रहे निरंतर समर्थन की सराहना की। एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने काशी तमिल संगमम जैसी पहलों और अतीत में उचित मान्यता प्राप्त न कर पाने वाले तमिल राजाओं , नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को मान्यता और सम्मान देने के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सम्राट पेरुम्बिडुगु मुथारैयार पर स्मारक डाक टिकट जारी करना मान्यता की इस चल रही प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
उपराष्ट्रपति ने सम्राट पेरुम्बिडुगु मुथारैयार के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे प्राचीन तमिलनाडु के सबसे प्रसिद्ध शासकों में से एक थे और गौरवशाली मुथारैयार वंश से संबंधित थे , जिसने 7वीं और 9वीं शताब्दी ईस्वी के बीच तमिलनाडु के मध्य क्षेत्रों पर शासन किया। उन्होंने बताया कि सम्राट ने तिरुचिरापल्ली से लगभग चार दशकों तक शासन किया और उनके शासनकाल में प्रशासनिक स्थिरता, क्षेत्रीय विस्तार, सांस्कृतिक संरक्षण और सैन्य पराक्रम की विशेषता थी।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर मिले शिलालेख सम्राट द्वारा मंदिर दान, सिंचाई कार्यों और तमिल साहित्य में किए गए योगदान की गवाही देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सम्राट का शासनकाल दक्षिण भारतीय इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखता है।
प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के विजन का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और महान नेताओं की धरोहर का दस्तावेजीकरण, सम्मान और संरक्षण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान तमिलनाडु सहित सभी क्षेत्रों के स्वतंत्रता सेनानियों और महान शासकों को सम्मानित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला और भारत की खोई हुई विरासत को पुनः प्राप्त करने के लिए चल रही पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक लगभग 642 चोरी हुई मूर्तियां और प्राचीन वस्तुएं बरामद की जा चुकी हैं, जिनमें से कई तमिलनाडु से हैं। उन्होंने इन प्रयासों को सराहनीय बताया।
इस अवसर पर वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल. मुरुगन और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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