दिल्ली के फ्लाईओवरों के नीचे होगा बड़ा बदलाव, मंत्री प्रवेश वर्मा ने दी जानकारी
नई दिल्ली : 29 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी और लंबे समय से उपेक्षित जगहों को सुंदर, स्वच्छ और उपयोगी बनाने की दिशा में सरकार ने नई पहल की है। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा है कि फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए निजी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस योजना के तहत खाली स्थानों को हरित क्षेत्रों, पैदल चलने के रास्तों और नागरिक सुविधाओं से युक्त सार्वजनिक स्थलों के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी की सुंदरता बढ़ने के साथ लोगों को सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक स्थान भी उपलब्ध हो सकेंगे।
फ्लाईओवरों के नीचे की खाली जगहों का होगा कायाकल्प
दिल्ली सरकार ने फ्लाईओवरों के नीचे मौजूद खाली स्थानों का बेहतर उपयोग करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से परियोजनाएं शुरू की हैं।इन स्थानों पर पहले से मौजूद गंदगी, अव्यवस्थित पार्किंग, अतिक्रमण और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।लोक निर्माण विभाग का उद्देश्य ऐसे स्थानों को व्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्रों में बदलना है, जिनका इस्तेमाल स्थानीय निवासी और राहगीर कर सकें।मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इन क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण राजधानी की छवि सुधारने के साथ नागरिकों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
निजी कंपनियों के साथ हुए समझौते
दिल्ली सरकार ने 6 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में तीन निजी संस्थाओं के साथ समझौते किए थे।इनमें डालमिया भारत लिमिटेड, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप और ईजमाईट्रिप फाउंडेशन शामिल हैं।इन संस्थाओं को छह प्रमुख फ्लाईओवरों के नीचे मौजूद स्थानों के विकास और सौंदर्यीकरण से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई थीं।समझौतों के तहत संबंधित क्षेत्रों में हरियाली विकसित करने, दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी करने, बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराने और सफाई सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना बनाई गई।इसके अलावा नागरिकों के लिए मनोरंजन और सार्वजनिक उपयोग की अन्य सुविधाओं का भी प्रस्ताव रखा गया।
छह प्रमुख फ्लाईओवरों को किया गया शामिल
अप्रैल में घोषित योजना के तहत राजधानी के छह प्रमुख फ्लाईओवरों के नीचे के हिस्सों को विकसित करने के लिए चुना गया था।इनमें अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर के नीचे लगभग 800 मीटर लंबा हिस्सा शामिल है। यह क्षेत्र नगर निगम के टोल टैक्स बूथ से उत्तर प्रदेश की सीमा तक फैला हुआ है।मयूर विहार फेज-1 फ्लाईओवर के नीचे लगभग 820 मीटर लंबे क्षेत्र का विकास प्रस्तावित है।इसी प्रकार नेताजी सुभाष प्लेस फ्लाईओवर के नीचे करीब 570 मीटर लंबे हिस्से को व्यवस्थित किया जाएगा।मध्य दिल्ली में ओबेरॉय फ्लाईओवर और लोधी फ्लाईओवर के नीचे लगभग 700-700 मीटर लंबे क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण करने की योजना है।इसके अलावा लाल किले से सलीमगढ़ किले के बीच मांगी सेतु और हनुमान सेतु के लगभग 400 मीटर हिस्से को भी परियोजना में शामिल किया गया है।
रामायण थीम पर बनाई जाएंगी आकर्षक कलाकृतियां
दिल्ली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कुछ फ्लाईओवरों के नीचे विशेष कलाकृतियां विकसित करने का प्रस्ताव है।मांगी सेतु क्षेत्र में रामायण की थीम पर आधारित दीवार चित्रकारी तैयार की जाएगी।इन कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा।सरकार का उद्देश्य इन स्थानों को केवल साफ-सुथरा बनाना नहीं, बल्कि लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बनाना है।मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों को बेहतर बनाने से उनका उपयोग बढ़ेगा और सार्वजनिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
अगस्त में दो और कंपनियों के साथ हुए MoU
दिल्ली सरकार ने 31 अगस्त 2026 को सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का विस्तार करते हुए डिक्सन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और कनोडिया ग्रुप के साथ भी समझौता किया।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुए इन समझौतों का उद्देश्य प्रमुख सड़कों और फ्लाईओवरों के आसपास के उपेक्षित स्थानों को विकसित करना है।डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वृक्षित फाउंडेशन के सहयोग से दीपली से मंगोलपुरी मार्केट तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे हिस्से को विकसित किया जाएगा।इस परियोजना के अंतर्गत फ्लाईओवर के 61 खंभों पर पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित चित्रकारी की जाएगी।लगभग 5,100 वर्गमीटर क्षेत्र में दीवार चित्रकारी के साथ स्थानीय प्रजातियों के पौधे, घास और फूलदार झाड़ियां लगाई जाएंगी।इसके अतिरिक्त कनोडिया ग्रुप मथुरा रोड और एमपी रोड के आसपास लगभग दो एकड़ हरित क्षेत्र के विकास और रखरखाव का काम करेगा।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
दिल्ली के कई फ्लाईओवरों के नीचे की जगहों पर कचरा जमा होने, अव्यवस्थित उपयोग और पर्याप्त रोशनी नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।नई परियोजनाओं के माध्यम से इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।योजना में बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं और स्वच्छता संबंधी इंतजाम शामिल हैं।इसके अलावा हरित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग और पौधों के रखरखाव के लिए ड्रिप सिंचाई जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी।सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
रानी झांसी फ्लाईओवर पर भी सुधार के निर्देश
हाल ही में 17 अक्टूबर को मंत्री प्रवेश वर्मा ने 'गवर्नमेंट ऑन व्हील्स' अभियान के तहत दिल्ली के कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया था।इस दौरान उन्होंने रानी झांसी फ्लाईओवर के नीचे प्रकाश व्यवस्था सुधारने, सफाई कराने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।इसके अलावा रोहतक रोड की मरम्मत, फुटपाथ सुधारने और जखीरा क्षेत्र में नालों की सफाई कराने को भी प्राथमिकता दी गई।निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।मंत्री ने अधिकारियों से निर्धारित समय में कार्य पूरा करने और बाद में प्रगति की समीक्षा करने को कहा था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले आयोजित समझौता कार्यक्रमों के दौरान कहा था कि स्वच्छ और सुंदर दिल्ली का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है।उन्होंने इस कार्य में निजी क्षेत्र, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।मुख्यमंत्री के अनुसार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से शहर के उन हिस्सों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है, जो लंबे समय से उपेक्षित हैं।सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से राजधानी में हरित क्षेत्रों का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
परियोजनाओं के रखरखाव पर भी रहेगी नजर
फ्लाईओवरों के नीचे सौंदर्यीकरण की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए नियमित रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण होगा।नई हरियाली, दीवार चित्रकारी, बैठने की सुविधाएं और प्रकाश व्यवस्था तैयार होने के बाद उनकी देखरेख आवश्यक होगी।साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा कचरा जमा होने और अतिक्रमण जैसी समस्याओं को रोकना भी प्रशासन के सामने चुनौती रहेगी।दिल्ली सरकार की इस पहल का उद्देश्य फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों को स्वच्छ, सुरक्षित और नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थलों में बदलना है। परियोजनाओं की वास्तविक सफलता इनके समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगी।