New Delhi. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया है कि भाजपा सरकार के प्रयासों से यमुना के आधे से अधिक हिस्से की सफाई हो चुकी है। उन्होंने विपक्षी दलों को यमुना की वास्तविक स्थिति देखने और नदी में डुबकी लगाने की चुनौती भी दी है। उनका कहना है कि यमुना की सफाई को लेकर विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है, जबकि सरकार नदी की स्थिति सुधारने के लिए काम कर रही है। हालांकि, नदी के आधे से अधिक हिस्से की सफाई पूरी होने के दावे की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

मनोज तिवारी ने विपक्ष को दी खुली चुनौती
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को यमुना की सफाई देखने के लिए खुली चुनौती दी है। उन्होंने 29 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सोनिया विहार में विपक्षी नेताओं को आने का निमंत्रण दिया था। तिवारी ने कहा था कि वे आलोचकों को यमुना की वास्तविक स्थिति दिखाना चाहते हैं। इससे पहले 18 अक्टूबर को मनोज तिवारी ने यमुना के पानी से हाथ-मुंह धोने और आचमन करने का वीडियो साझा किया था। इसके बाद विपक्षी दलों ने वीडियो पर सवाल उठाए थे।

यमुना के पानी में उतरकर दिया सफाई का संदेश
मनोज तिवारी ने यमुना की सफाई को लेकर अपने दावों के समर्थन में नदी के पानी का इस्तेमाल करते हुए वीडियो साझा किया था। इस दौरान उन्होंने घाटों के किनारे फैले कचरे की ओर भी ध्यान दिलाया और लोगों से नदी को साफ रखने में सहयोग करने की अपील की। उनका कहना था कि नदी में प्रदूषण फैलाने के लिए लोगों की गतिविधियां भी जिम्मेदार हैं। धार्मिक सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरे को नदी किनारे फेंकने से बचना चाहिए। हालांकि, किसी नदी में डुबकी लगाने या उसके पानी से मुंह धोने भर से पानी की गुणवत्ता और सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं होती।


भाजपा और विपक्ष के बीच बढ़ी बयानबाजी
यमुना की सफाई दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। भाजपा सरकार की ओर से सफाई अभियान में प्रगति के दावे किए जा रहे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने नदी की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। मनोज तिवारी ने विपक्षी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे स्वयं यमुना के किनारे आकर हालात देखें और इस मुद्दे पर चर्चा करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर विपक्ष की आलोचनाओं के जवाब में वास्तविक स्थिति देखने का निमंत्रण दिया था।

यमुना की सफाई के लिए चल रही परियोजनाएं
दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के उन्नयन, नए संयंत्रों के निर्माण और सीवर नेटवर्क के विस्तार पर काम करने की जानकारी दी है। सरकार ने अगले ढाई वर्षों में नदी की स्वच्छता में व्यापक सुधार लाने का लक्ष्य भी बताया है। इसके तहत पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की क्षमता और कार्यप्रणाली सुधारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सफाई के दावों की वैज्ञानिक जांच भी जरूरी
यमुना की वास्तविक स्थिति का आकलन पानी में घुलित ऑक्सीजन, जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग और बैक्टीरिया जैसे प्रदूषण संकेतकों के आधार पर किया जाता है। विशेषज्ञ मानकों के अनुसार, नदी के पानी की स्वच्छता का आकलन केवल उसके रंग या सतह पर झाग दिखाई देने से नहीं किया जा सकता। ऐसे में भाजपा सांसद मनोज तिवारी के दावे और विपक्ष की आपत्तियों के बीच यमुना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जल गुणवत्ता रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
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