New Delhi | नई दिल्ली : देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है और कई राज्यों में इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। मानसून अब गुजरात, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के कुछ नए क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए मौसम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
IMD के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 4 से 5 दिनों तक मध्य भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने विशेष रूप से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ, पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है।
इन क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के साथ-साथ जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और थंडरस्क्वॉल की चेतावनी भी दी गई है।
राजधानी दिल्ली, जयपुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यहां तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण यातायात और दैनिक जीवन पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश न होने के कारण गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। कई जगहों पर लोग धूप और उमस से परेशान हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों में भी राहत की संभावना कम है।
सुबह के समय कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। वहीं दिन के समय उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।