CJP प्रदर्शन केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जल्द सुनवाई से इनकार

Update: 2026-07-22 11:25 GMT

New Delhi नई दिल्ली :   कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। बुधवार को एक अधिवक्ता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने इस मामले को जल्द सूचीबद्ध करने की मांग रखी थी, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई की अनुमति नहीं दी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया और कहा कि इस मामले से जुड़े वीडियो उपलब्ध हैं, जिन्हें अदालत देख सकती है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने के लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा, "हमें वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।"

वकील की ओर से दोबारा गुरुवार को मामले की सुनवाई करने और वीडियो देखने का अनुरोध किया गया, जिस पर सीजेआई ने कहा, "हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।" इसके बाद पीठ ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि प्रदर्शनकारी छात्र नीट परीक्षा की पारदर्शिता और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। छात्रों के हितों को देखते हुए मामले की जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट भी इसी तरह की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर चुका है। हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में अदालत को अनावश्यक रूप से शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और स्वतंत्र जांच की मांग की है। बार एसोसिएशन का कहना है कि यदि किसी तरह की लापरवाही या गलत कार्रवाई हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

कॉकरोच जनता पार्टी का नाम भी हाल के दिनों में काफी चर्चा में रहा है। इसकी शुरुआत मई 2026 में सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर काफी चर्चा हुई और बाद में अभिजीत दीपके नाम के व्यक्ति ने "कॉकरोच जनता पार्टी" नाम से सोशल मीडिया अकाउंट शुरू किया। धीरे-धीरे यह नाम एक आंदोलन के रूप में सामने आया और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़े।

हालांकि, बाद में सीजेआई सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने बताया था कि उनकी टिप्पणी उन लोगों को लेकर थी जो कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर संस्थानों में प्रवेश करते हैं और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं।

सीजेपी समर्थकों का विवाद उस समय और बढ़ गया जब 20 जुलाई को संगठन की ओर से संसद मार्च आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। आरोप लगाया गया कि पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई।

इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने संसद में पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी लोकसभा में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया।

इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत का एक और प्रस्ताव रखा है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के प्रस्ताव पर संगठन की कोर टीम विचार करेगी और इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर है।

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