New Delhi नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए एक अहम फैसला लिया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) ने SC और OBC के लिए चल रही प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाओं में बड़ा बदलाव करते हुए स्थायी निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
इस निर्णय के बाद देशभर के लाखों छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है। पहले स्कॉलरशिप पाने के लिए छात्रों को अपने राज्य का स्थायी निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना जरूरी होता था, जिससे कई बार आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई आती थी और योग्य छात्र भी योजना का लाभ समय पर नहीं ले पाते थे।
नई व्यवस्था के तहत अब छात्रों को केवल जरूरी शैक्षणिक और जाति से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। इससे आवेदन प्रक्रिया सरल होगी और अधिक छात्रों तक सरकारी सहायता पहुंच सकेगी।
मंत्रालय के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करना और योजनाओं को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाना है। सरकार का मानना है कि कई बार निवास प्रमाण पत्र से जुड़ी जटिलताओं के कारण छात्र आवेदन प्रक्रिया से बाहर रह जाते थे, जिसे अब दूर किया गया है।
इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र में एक राहत भरा कदम माना जा रहा है, खासकर उन छात्रों के लिए जो विभिन्न कारणों से अपने मूल निवास स्थान से अलग राज्य में पढ़ाई कर रहे हैं। अब ऐसे छात्रों को भी बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की परेशानी के स्कॉलरशिप का लाभ मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, SC और OBC वर्ग के लाखों छात्र हर साल इन स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ उठाते हैं, जिससे उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिलती है। इस बदलाव के बाद आवेदन प्रक्रिया और अधिक तेज और आसान होने की उम्मीद है।