नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बुधवार रात प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। एनडीएमसी चौराहा स्थित टॉलस्टॉय मार्ग पर अराजक तत्वों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में कनॉट प्लेस थाने के तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में एसीपी भगत सिंह भी शामिल हैं। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे टॉलस्टॉय मार्ग पर कुछ लोगों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन पथराव बढ़ने के बाद पुलिस को सख्त कदम उठाना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को पीछे हटाया और कुछ ही समय में हालात पर काबू पा लिया।
पथराव की इस घटना में कनॉट प्लेस थाने के तीन पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में एसीपी भगत सिंह भी शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल पुलिसकर्मियों का भी इलाज कराया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने टॉलस्टॉय मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पथराव करने वालों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इससे पहले भी जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के कई इलाकों में तनाव की स्थिति देखने को मिली थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बनी। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन भी बंद किए गए थे, जिससे आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
बुधवार रात टॉलस्टॉय मार्ग पर हुई पत्थरबाजी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव के पीछे कौन लोग शामिल थे और घटना किस वजह से हुई। पुलिस ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।