दिल्ली में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन शुरू, CM ने भरा एन्यूमरेशन फॉर्म
Delhi दिल्ली: मंगलवार से वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत राजधानी में मतदाता सूची के सत्यापन और अद्यतन का कार्य किया जा रहा है, जो एक महीने तक चलेगा।
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपना एन्युमरेशन फॉर्म भरकर इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया और नागरिकों से डेमोक्रेसी को मजबूत करने के लिए एक्टिव रूप से इसमें शामिल होने की अपील की।
अधिकारियों के अनुसार, इस व्यापक मतदाता सत्यापन अभियान के तहत 13,000 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को तैनात किया गया है। ये अधिकारी दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर रहे हैं और आवश्यक विवरण एकत्र कर रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जी प्रविष्टियों को हटाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों के विवरण के साथ एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा कर दिया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए नागरिकों से भी इसमें सहयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर योग्य नागरिक का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में दर्ज होना जरूरी है, ताकि कोई भी व्यक्ति मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस अभियान के दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण, गलत प्रविष्टियों का सुधार और स्थानांतरित मतदाताओं के विवरण का अद्यतन किया जाएगा। इसके लिए बूथ स्तर पर विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि BLO घर-घर जाकर न केवल फॉर्म वितरित कर रहे हैं, बल्कि मतदाताओं को प्रक्रिया के बारे में जागरूक भी कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।
यह अभियान दिल्ली में आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली में शुरू हुआ यह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रशासन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।