Delhi दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नई मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर देशभर में बधाइयों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (SP) के युवा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी इसरो की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “यह उपलब्धि न केवल वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन है बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद सरोज ने कहा, “सबसे पहले मैं इसरो और पूरी टीम को बधाई देता हूं। उन्होंने जो कार्य किया है, वह देश की वैज्ञानिक ताकत और युवाओं की सोच को दर्शाता है। जिस तरह इस मिसाइल का नाम रखा गया है, वह पूरी तरह उपयुक्त और अर्थपूर्ण है। यह नाम भारत की नई वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास का प्रतीक है।”
हालांकि इसरो ने इस प्रोजेक्ट के तकनीकी विवरण को गोपनीय रखा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह मिसाइल भारत की रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। यह न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका को भी रेखांकित करता है। पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि भारत के वैज्ञानिक आज विश्व स्तर पर अपनी मेहनत और प्रतिभा से नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। “यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि भारत अब अनुसंधान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में किसी पर निर्भर नहीं है। इसरो की टीम ने जिस समर्पण और सटीकता के साथ यह कार्य पूरा किया है, वह देश के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को और अधिक प्रोत्साहन देने की जरूरत है ताकि आने वाले वर्षों में भारत स्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी में अग्रणी भूमिका निभा सके। सरोज ने कहा कि इसरो की उपलब्धियां भारत की युवाशक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और इनसे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। समाजवादी पार्टी सांसद ने कहा कि पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर ऐसे अवसरों पर सभी दलों को वैज्ञानिक समुदाय की सराहना करनी चाहिए। “हमारी राजनीति का लक्ष्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज और देश का विकास होना चाहिए। इसरो की सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब देश एकजुट होकर काम करता है, तब असंभव भी संभव हो जाता है।”
इसरो ने हाल ही में देश के लिए कई ऐतिहासिक मिशन पूरे किए हैं, जिनमें चंद्रयान-3, आदित्य-एल1 सौर मिशन, और गगनयान की तैयारियां शामिल हैं। अब नई मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण भारत की तकनीकी क्षमता को एक नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। पुष्पेंद्र सरोज के इस बयान से यह स्पष्ट है कि विपक्षी दल भी देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं और राष्ट्रीय प्रगति में विज्ञान को सबसे बड़ी ताकत के रूप में देख रहे हैं।