कांवड़ियों के भेष में गांजा तस्करी करने वाले 2 आरोपी गिरफ़्तार

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Update: 2026-08-09 12:22 GMT
Uttar Pradesh. उत्तर प्रदेश। सावन के पवित्र महीने में कांवड़ियों के भेष का कथित तौर पर फायदा उठाकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ओडिशा के कंधमाल सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कांवड़ियों की भगवा पोशाक में गांजा ले जा रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 60 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी अरबाज खान और करामत अली के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी सावन के दौरान कांवड़ियों के भेष में यात्रा कर रहे थे। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने धार्मिक यात्रा में शामिल लोगों जैसी भगवा पोशाक जानबूझकर इसलिए पहनी, ताकि रास्ते में पुलिस की चेकिंग के दौरान उन पर आसानी से संदेह न हो।
कंधमाल सदर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए भारी मात्रा में गांजे की खेप दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद पुलिस ने संक्षिकाता के पास नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के भीतर छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। जब पुलिस ने बरामद गांजे का वजन कराया तो कुल मात्रा करीब 60 किलोग्राम निकली। इसके बाद कार में सवार दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों युवक यात्रा के दौरान कांवड़ियों की तरह भगवा कपड़ों में थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने इस भेष का इस्तेमाल सुरक्षा जांच से बचने के लिए किया होगा। सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए विभिन्न राज्यों में धार्मिक यात्राएं करते हैं। ऐसे में आरोपियों ने इसी भीड़ और धार्मिक यात्रा की आड़ में गांजा ले जाने की कोशिश की होगी। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहली बार इस तरह का तरीका अपनाया था या इससे पहले भी धार्मिक यात्रियों के भेष में मादक पदार्थों की तस्करी कर चुके हैं। पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और यात्रा से जुड़े विवरणों की भी जांच कर रही है।
गांजा बरामद होने के बाद कंधमाल सदर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि 60 किलोग्राम गांजे की यह बड़ी खेप आरोपियों ने ओडिशा में कहां से हासिल की थी और इसे उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अब इस पूरे मामले में गांजा तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके संभावित साथियों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप की खरीद और डिलीवरी के बीच कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया गया रास्ता भी है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और यात्रा से जुड़े विवरणों की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कहां से रवाना हुए थे और किस रास्ते से गांजा लेकर जा रहे थे। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या दोनों आरोपी इससे पहले ओडिशा से दूसरे राज्यों में मादक पदार्थों की खेप पहुंचा चुके हैं। अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरे नेटवर्क तक पहुंचना होती है। केवल परिवहन करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच को सप्लायर और खरीदार तक पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दिशा में कंधमाल पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है।
सावन के दौरान धार्मिक यात्राओं और कांवड़ यात्राओं में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। पुलिस को आशंका है कि तस्कर ऐसी भीड़ और धार्मिक पहचान का गलत फायदा उठाकर सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश कर सकते हैं। कंधमाल में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अन्य संदिग्ध वाहनों और यात्रियों की गतिविधियों पर भी नजर रख सकती है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। बरामद 60 किलोग्राम गांजे की सप्लाई चेन, इसके स्रोत और संभावित खरीदार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है।
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