नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। यह याचिका फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में दाखिल की गई है। इमाम के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की पीठ ने शरजील इमाम की ओर से दायर अपील पर नोटिस जारी करते हुए पुलिस से अपना पक्ष रखने को कहा है। यह अपील ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देती है, जिसमें उनकी दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
ट्रायल कोर्ट ने 4 जुलाई को शरजील इमाम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया और निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी। हाई कोर्ट में अब इस मामले पर दिल्ली पुलिस का जवाब आने के बाद आगे की सुनवाई होगी।
मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन दंगों के पीछे एक बड़ी साजिश थी, जिसके तहत हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इसी मामले में कई लोगों के खिलाफ UAPA और अन्य धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
शरजील इमाम को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी ओर से अदालत में लगातार जमानत की मांग की जाती रही है। इससे पहले भी उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हो चुकी है, लेकिन राहत नहीं मिली थी।
इमाम की ओर से दायर अपील में ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कई कानूनी आधार पेश किए गए हैं। उनकी ओर से यह दलील दी गई है कि मामले में उन्हें लंबे समय से हिरासत में रखा गया है और मुकदमे की प्रक्रिया पूरी होने में अभी समय लग सकता है।
वहीं, जांच एजेंसियों की ओर से पहले यह तर्क दिया गया है कि मामला गंभीर प्रकृति का है और इसमें लगाए गए आरोपों की जांच महत्वपूर्ण चरण में है। एजेंसियों ने UAPA जैसे कड़े कानून के प्रावधानों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया है।
हाई कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के बाद अब दिल्ली पुलिस को इस जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद अदालत मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी।
दिल्ली दंगा मामले में कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं। यह मामला देश में चर्चित मामलों में शामिल रहा है, क्योंकि इसमें हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ कथित साजिश के आरोपों की जांच की जा रही है।
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की थीं और जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया गया।
शरजील इमाम पर लगाए गए आरोपों को लेकर अदालतों में लंबी कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अब दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
फिलहाल हाई कोर्ट ने केवल पुलिस से जवाब मांगा है और जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुनाया जाना बाकी है। पुलिस के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई तय करेगी।