नई दिल्ली (एएनआई): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से मारे गए गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के दो नाबालिग बेटों की रिहाई के मुद्दे पर एक सप्ताह के भीतर विचार करने और निर्णय लेने को कहा।

न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने अतीक अहमद की बहन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

अहमद की बहन शाहीन अहमद ने नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांगी है। इन दोनों को अभी सुधार गृह में रखा गया है. उसके वकील एडवोकेट निज़ाम पाशा ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि नाबालिगों में से एक जल्द ही वयस्क हो जाएगा और उसे कल्याण गृह में रखा जाएगा।

कोर्ट ने उस रिपोर्ट पर भी गौर किया जिसमें दावा किया गया था कि बच्चे बाल सुधार गृह में नहीं रहना चाहते. कोर्ट ने मामले को अगले हफ्ते के लिए सूचीबद्ध कर दिया है.

गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था और उत्तर प्रदेश के एक अस्पताल के पास कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। (एएनआई)

Tags: