नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित INDIA गठबंधन की 'हाई टी' बैठक को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बैठक को बेहद अच्छा बताते हुए कहा कि इसमें विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने आगे की रणनीति को लेकर अपने सुझाव रखे। राउत ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य स्थानों पर भी जारी रहेगा।राहुल गांधी ने अपने नई दिल्ली स्थित आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को हाई टी के लिए आमंत्रित किया था। इस दौरान चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर चर्चा हुई।बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए आगे भी संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
संजय राउत ने बैठक की सराहना की
पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी ने सभी विपक्षी नेताओं और सांसदों को हाई टी के लिए आमंत्रित किया था।उन्होंने बताया कि बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सभी नेताओं के विचार और सुझाव सुने गए।राउत ने कहा कि यह बहुत अच्छी बैठक रही। इसमें भविष्य की कार्रवाई और विपक्षी दलों के बीच सहयोग को लेकर बातचीत हुई।उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।राउत ने कहा कि यह आंदोलन दिल्ली के साथ देश के अन्य हिस्सों में भी जारी रखा जाएगा।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
INDIA गठबंधन के नेता पिछले कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हुए हैं।कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी गड़बड़ियों तथा पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है। इन आरोपों को जांच या न्यायिक प्रक्रिया से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
राहुल गांधी के आवास पर जुटे विपक्षी नेता
राहुल गांधी के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर आयोजित बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया।बैठक के बाद राहुल गांधी, संजय राउत, सुप्रिया सुले, तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के विरोध प्रदर्शनों में बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा SIR का मामला
इससे पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों ने दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' आयोजित किया था।इस मार्च में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ छात्र तथा नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।विपक्ष ने पुनरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा और कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई है।सोमवार के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को आयोजित हाई टी बैठक को विपक्ष की इसी राजनीतिक गतिविधि के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
लोकतंत्र की बहाली के लिए एकजुटता पर जोर
राहुल गांधी ने बैठक के दौरान कहा कि विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का साझा उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा करना है।उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और संगठनों के बीच सहयोग बनाए रखने की आवश्यकता जताई।
आगे की रणनीति पर हुई चर्चा
संजय राउत ने बताया कि बैठक में विपक्षी नेताओं के सुझावों पर ध्यान दिया गया और आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श हुआ।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष का आंदोलन जारी रखने का निर्णय केवल एक राजनीतिक दल से संबंधित नहीं है, बल्कि इसमें कई दल और संगठन शामिल हैं।वहीं केंद्र सरकार और भाजपा विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को खारिज कर रहे हैं।फिलहाल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद विपक्ष ने इन मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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