एस. जयशंकर ने मध्य एशियाई युवा प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, संबंध मजबूत करने पर जोर
Delhi दिल्ली। एस. जयशंकर ने मध्य एशिया के देशों से आए 100 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। उन्होंने इस मुलाकात को सुखद अनुभव बताते हुए कहा कि युवाओं के साथ बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल सभी मध्य एशियाई देशों का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि भारत यात्रा के दौरान युवाओं के अनुभव काफी समृद्ध रहे हैं और यहां के लोगों के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत ने उन्हें भारत के करीब लाया है।
जयशंकर ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि वे भारत के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के प्रति बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने इसे भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच बढ़ते सहयोग का सकारात्मक संकेत बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के युवा प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से देशों के बीच दीर्घकालिक संबंध मजबूत होते हैं और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलता है। भारत लंबे समय से मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के तहत क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है। युवा स्तर पर इस तरह की भागीदारी भविष्य में आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और गहरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।