नई दिल्ली : NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन को लेकर संसद में जारी सियासी घमासान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा कदम उठाया है। अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस पूरे मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया है। उन्होंने साफ कहा है कि सरकार NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े सवालों पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। गृह मंत्री ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर बातचीत कर चर्चा के लिए आवश्यक समय तय करने की अपील की है।
अमित शाह ने अपने पत्र में कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान संवाद और निरंतर चर्चा के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश की संस्थाओं में अपना विश्वास जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष से विपक्षी दलों के साथ विचार-विमर्श करने का अनुरोध किया। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं और इन पर सदन में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि सभी दलों की सहमति से इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए जितना समय आवश्यक हो, उतना समय दिया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद पूरी चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि बहस के अंत में विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सभी सवालों और आशंकाओं का विस्तार से जवाब देने के लिए वह तैयार हैं। इस तरह गृह मंत्री ने विपक्ष को सीधे तौर पर चर्चा की चुनौती दी है।
दरअसल, NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में छात्रों और अन्य आंदोलनकारियों की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश भी की थी। उन्हें रोकने के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से बल प्रयोग किए जाने की बात सामने आई थी। इस घटना के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच अमित शाह की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को लिखे गए पत्र ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सरकार की ओर से अब यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि वह NEET पेपर लीक और छात्रों की चिंताओं पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। अमित शाह के मुताबिक, सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।
वहीं, बुधवार को राज्यसभा में भी विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी गठबंधन INDIA के सदस्यों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। इसके अलावा अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर दो बजे जब उच्च सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू करने को कहा। यह विधेयक गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की ओर से राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन में पेश किया। इस दौरान विपक्षी सदस्य अमित शाह की अनुपस्थिति और अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े आरोपों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन उपसभापति ने उनसे विधेयक से संबंधित विषय पर ही बोलने को कहा। विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध के बीच सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की गई।
अब सभी की नजर लोकसभा में NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर संभावित चर्चा पर है। अमित शाह के पत्र के बाद यह मुद्दा संसद में एक बार फिर प्रमुखता से उठ सकता है। यदि सभी दलों के बीच सहमति बनती है तो इस विषय पर विस्तृत बहस हो सकती है। गृह मंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देंगे।
NEET परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इससे लाखों विद्यार्थी जुड़े होते हैं। ऐसे में पेपर लीक से जुड़े आरोपों और छात्रों के विरोध ने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब संसद में होने वाली संभावित चर्चा के दौरान सरकार की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और विपक्ष किन सवालों को प्रमुखता से उठाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।