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NEET पेपर लीक CBI की चार्जशीट पर कोर्ट का बड़ा फैसला कल से सुनवाई

Ratna Netam
12 Aug 2026 3:58 PM IST
NEET पेपर लीक CBI की चार्जशीट पर कोर्ट का बड़ा फैसला कल से सुनवाई
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नई दिल्ली : नीट यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। कोर्ट अब मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। इसके लिए 13 अगस्त से सुनवाई शुरू होगी। सीबीआई ने इस मामले में करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कई आरोपियों की भूमिका, परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी कथित अनियमितताओं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के गोपनीय सेक्शन में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी गंभीर कमियों का उल्लेख किया गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मीडिया में चार्जशीट के कथित हिस्सों और गवाहों के नाम प्रकाशित होने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि यह उसके लिए बेहद चौंकाने वाली बात है कि जो बातें अभी तक कोर्ट के सामने कही तक नहीं गई हैं, वे चार्जशीट का हिस्सा होने के बावजूद मीडिया में सामने आ रही हैं। कोर्ट ने मीडिया की जिम्मेदारी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी चीजों से बचना चाहिए।
सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले से जुड़े कुछ गवाहों के नाम लगातार मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित किए जा रहे हैं। जांच एजेंसी ने यह भी चिंता जताई कि इनमें कुछ गवाह नाबालिग हो सकते हैं। सीबीआई ने कहा कि चार्जशीट के हिस्सों को लगातार अखबारों और अन्य माध्यमों में प्रकाशित किया जा रहा है। अदालत ने इस मामले में सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया।
सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में आगे की जांच जारी रखने के लिए अदालत से अनुमति मांगी है। जांच एजेंसी की ओर से दाखिल इस अर्जी पर कोर्ट ने आरोपियों से जवाब मांगा है। इस अर्जी पर अगली सुनवाई गुरुवार को होने की बात कही गई है। इस बीच अदालत 13 अगस्त से आरोप तय करने की प्रक्रिया पर भी सुनवाई करेगी।
सीबीआई की चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने आरोपियों की भूमिका को लेकर अलग-अलग तथ्य और साक्ष्य अदालत के सामने रखे हैं।
चार्जशीट में एनटीए के गोपनीय सेक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, तीन विषय विशेषज्ञों ने एनटीए कार्यालय से नीट परीक्षा के प्रश्नों को अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाला था। जांच में सामने आया कि गोपनीय सेक्शन से बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी लेने की कोई नियमित व्यवस्था नहीं थी। एजेंसी का कहना है कि इसी कमी का फायदा उठाकर प्रश्नों को बाहर ले जाना संभव हुआ।
जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि एनटीए के गोपनीय सेक्शन में प्रवेश और निकास के दौरान विशेषज्ञों की जांच या तलाशी की कोई निर्धारित प्रथा नहीं थी। इसके अलावा वहां समर्पित सीसीटीवी लाइव फीड निगरानी नियंत्रण कक्ष भी नहीं था। सीबीआई के मुताबिक, इस व्यवस्था की कमी के कारण गोपनीय हॉल में विशेषज्ञों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी जा सकी।
चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि एक आरोपी ने कथित तौर पर प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखकर छिपा लिया, जबकि दो अन्य आरोपियों ने प्रश्नों को याद किया और अपने होटल के कमरों में लौटने के बाद उन्हें लिख लिया। आरोप है कि कुछ आरोपियों ने संबंधित विषयों की पाठ्यपुस्तकों में प्रश्नों से जुड़े आर्टिकल्स को भी चिह्नित किया।
सीबीआई के अनुसार, अनुवाद और पुनः अनुवाद के दौरान रफ कार्य के लिए गोपनीय सेक्शन में विशेषज्ञों को सादे कागज उपलब्ध कराए जाते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने इन शीट्स का इस्तेमाल रसायन विज्ञान के 135 प्रश्नों और उनके उत्तर विकल्पों को संक्षेप में नोट करने के लिए किया।
जांच एजेंसी ने जीव विज्ञान से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी अपनी जांच का उल्लेख किया है। चार्जशीट के मुताबिक, बॉटनी और जूलॉजी से संबंधित दस्तावेज तैयार किए गए थे। सीबीआई ने दावा किया कि तेजस दभाड़े ने 20 और 21 अप्रैल 2026 को स्नेहांजलि देशमुख और दीया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से इन दस्तावेजों को टाइप किया था। ये नोट्स कथित तौर पर मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय लोखंडे के माध्यम से सत्यजीत सोलंकी और तेजस दभाड़े तक पहुंचाए थे।
अब अदालत के सामने मुख्य रूप से आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही सीबीआई की आगे की जांच की अनुमति वाली अर्जी पर भी सुनवाई होगी। मामले में अदालत की टिप्पणी के बाद चार्जशीट से जुड़े दस्तावेजों और गवाहों की पहचान सार्वजनिक किए जाने को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है। NEET UG पेपर लीक मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर अब अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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