Delhi दिल्ली। उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है।
आरपी सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने जो बात कही है, वह बिल्कुल सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जब भी सरकारी भर्तियां होती थीं, तो प्रक्रिया पर सवाल उठते थे और मुलायम सिंह यादव परिवार के लोग तय करते थे कि किसे नौकरी मिलेगी और किसे नहीं।
भाजपा नेता ने दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी थी और युवाओं को समान अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किए हैं और योग्यता के आधार पर चयन को प्राथमिकता दी जा रही है।
आरपी सिंह के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई है। भाजपा लगातार पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगाती रही है, जबकि विपक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताता रहा है।
भर्ती और रोजगार के मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हमेशा अहम रहे हैं। युवा मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी दलीलें पेश करते हैं। भाजपा नेता के इस बयान ने एक बार फिर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को तेज कर दिया है।
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