नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा हालात में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तत्काल जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
राहुल गांधी शुक्रवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान राहुल गांधी एक घायल छात्र को अपने साथ मीडिया के सामने लेकर आए और उसकी चोट दिखाते हुए सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन कार्रवाई के दौरान वह घायल हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर रही है, जबकि छात्र के शरीर पर लगी चोटें घटना की गंभीरता को दिखा रही हैं। राहुल गांधी ने सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और अपने भविष्य को लेकर मेहनत करते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो छात्रों का भरोसा टूटता है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार खामियां सामने आने के बावजूद सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री को इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की सख्ती लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
बता दें कि नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर देशभर में छात्र संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और प्रभावित छात्रों को न्याय देने की मांग कर रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्षी दल सरकार से जवाब मांग रहे हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि पेपर लीक मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाने की बात भी कही गई है। केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में पेपर लीक मामलों में सजा के प्रावधानों को और सख्त बनाने वाले विधेयक को मंजूरी दी है, जिसे जल्द संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद नीट और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष के आरोपों और छात्रों की मांगों पर क्या जवाब देती है।