राहुल गांधी ने केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों से की मुलाकात
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली में मध्य प्रदेश की केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध कर रहे ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान प्रभावित लोगों ने परियोजना से जुड़ी अपनी चिंताओं और समस्याओं को राहुल गांधी के सामने रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी को बताया कि परियोजना के कारण कई परिवारों को विस्थापन और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने अपनी मांगों और प्रभावित परिवारों के अधिकारों से जुड़ी बातों को उनके सामने रखा।
राहुल गांधी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि वह उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने का प्रयास करेंगे।
बैठक के दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने परियोजना को लेकर अपनी आपत्तियां और आशंकाएं साझा कीं। उनका कहना है कि परियोजना से उनके घर, जमीन और आजीविका पर असर पड़ सकता है। ग्रामीण लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
गौरतलब है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीण पिछले कई महीनों से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार विरोध दर्ज कराया था।
हाल ही में 19 जुलाई को पुलिस ने छतरपुर में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को मौके से हटाया था। आंदोलन के दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने अनोखे तरीकों से अपना विरोध जताया था।
प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोग कई दिनों तक छाती तक गहरे पानी में खड़े रहे और उपवास किया। उनका कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
इसके अलावा कुछ ग्रामीणों ने ‘चिता आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ लोग चिता पर लेटकर अपनी नाराजगी और विरोध जाहिर कर रहे थे।
केन-बेतवा लिंक परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य केन नदी के अतिरिक्त जल को बेतवा नदी क्षेत्र में पहुंचाना और बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को कम करना है।
परियोजना समर्थकों का कहना है कि इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं, विरोध कर रहे ग्रामीणों का तर्क है कि परियोजना के कारण बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों की मांग है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और अन्य अधिकारों को लेकर सरकार स्पष्ट कदम उठाए।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी आवाज अब बड़े स्तर पर उठाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को समझे और समाधान निकाले।
विपक्षी दल भी समय-समय पर बड़े विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के मुद्दे उठाते रहे हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर भी विपक्ष ने प्रभावित परिवारों के अधिकारों और पर्यावरणीय प्रभावों पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी की मुलाकात को इसी क्रम में देखा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनकर उनके संघर्ष में समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन और उनकी मांगें चर्चा में बनी हुई हैं। अब सभी की नजर सरकार की आगे की कार्रवाई पर है।