PM मोदी के वीडियो संदेश पर राहुल गांधी का पलटवार

Update: 2026-07-25 08:35 GMT

नई दिल्ली  :  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा छात्रों के सुझावों का जिक्र करना वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की मुख्य मांग सुझाव देना नहीं, बल्कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है।

राहुल गांधी ने शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लगातार वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं, लेकिन छात्रों की वास्तविक मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का मुद्दा केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ छात्राओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनकी मांग धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय सरकार उन्हें केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात छात्रों और युवाओं के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया था। इस संदेश में उन्होंने छात्रों से मिले समर्थन और सुझावों का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें छात्रों से बातचीत करने का अवसर मिला और उनके द्वारा दिए गए सकारात्मक सुझावों के लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में युवाओं को भरोसा दिलाया था कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा था कि युवाओं के सुझाव देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने छात्रों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और अपने विचार साझा करते रहने की अपील भी की थी।

हालांकि, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस संदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की ओर से जो मांग उठाई जा रही है, उस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच नाराजगी का कारण केवल सुझावों की कमी नहीं है, बल्कि व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं।

राहुल गांधी ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर पहले भी कई बार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि परीक्षा व्यवस्था में खामियां, पेपर लीक और छात्रों की परेशानियों को लेकर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार लगातार कहती रही है कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

इस पूरे मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां छात्रों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है, वहीं सरकार की ओर से युवाओं के हित में उठाए गए कदमों को गिनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और गरमा सकता है।

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