घायल छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल, सरकार से मांगा जवाब

Update: 2026-07-24 12:29 GMT

नई दिल्ली  :  प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों के साथ गलत व्यवहार किया गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कई छात्र घायल हुए हैं और एक छात्र की आंख पर गंभीर चोट आई है।

राहुल गांधी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे युवाओं पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तिरंगा लेकर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे, लेकिन उनके साथ सख्ती बरती गई।

उन्होंने एक घायल छात्र को मीडिया के सामने लाते हुए उसकी चोट दिखाई और कहा कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस छात्र को पैलेट गन से चोट लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया जा रहा है, लेकिन घायल छात्र की स्थिति इस मामले में कई सवाल खड़े करती है।

राहुल गांधी ने कहा कि घायल छात्र की आंख पर गंभीर चोट आई है और उसकी दृष्टि प्रभावित हुई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि छात्र की आंखों की रोशनी पूरी तरह वापस आ पाएगी या नहीं। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की।

कांग्रेस नेता ने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवा मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

वहीं, सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। केंद्र ने हाल ही में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े कानून लाने की दिशा में कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।

पेपर लीक का मुद्दा संसद में भी लगातार गरमाया हुआ है। विपक्षी दल इस मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।

छात्रों के प्रदर्शन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर है। पेपर लीक मामलों पर ठोस कदम और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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