Delhi दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में आयोजित ‘नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट फेस्टिवल’ में शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचने पर आयोजकों और पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्रों ने मुख्यमंत्री धामी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे और उन्होंने मुख्यमंत्री के विचारों को सुना। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट फेस्टिवल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति, परंपरा और युवाओं की भागीदारी को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर छात्रों से संवाद करते हुए देश की विविधता और एकता की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविध संस्कृतियों और परंपराओं से बनती है। पूर्वोत्तर भारत देश का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी संस्कृति, प्रतिभा और ऊर्जा पूरे देश को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने मुख्यमंत्री धामी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। युवाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच आपसी समझ और जुड़ाव बढ़ता है। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट फेस्टिवल जैसे मंच छात्रों को अपनी संस्कृति साझा करने और देश के अन्य हिस्सों के लोगों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस दौरान पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। छात्रों ने पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं की मौजूदगी ने इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना दिया। मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं के विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर के छात्रों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की। छात्रों ने इस तरह के आयोजनों को सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच दूरी कम होती है और आपसी विश्वास मजबूत होता है। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट फेस्टिवल में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। आयोजन का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति को बढ़ावा देना और देश के युवाओं के बीच संवाद एवं सहयोग को मजबूत करना था।
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