नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर देश की आजादी के लिए उनके योगदान और अहिंसा के संदेश को याद किया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री का राजघाट पहुंचना परंपरा का हिस्सा रहा है। इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कई अवसरों पर गांधीजी के विचारों को देश के विकास और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरणादायक बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था। इसके बाद हर वर्ष उन्होंने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। अब 2026 में वह लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। लाल किले से दिया जाने वाला प्रधानमंत्री का भाषण देश की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संदेश माना जाता है। हर साल देश और दुनिया की नजरें प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर रहती हैं।
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस बार लाल किले पर पहली बार औपचारिक रूप से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गूंजेगा। राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे समारोह में विशेष स्थान दिया गया है।
इस आयोजन में देश की युवा शक्ति को भी प्रमुखता दी जाएगी। समारोह का मुख्य संदेश 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य और युवाओं की भूमिका पर केंद्रित रहेगा।