नई दिल्ली : 29 अक्टूबर 2026। अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी और अखंड दीप के प्रज्वलन के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से हजारों गायत्री साधकों, कार्यकर्ताओं और आमंत्रित अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। समारोह को देखते हुए सुरक्षा, प्रवेश प्रबंधन, परिवहन और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन समिति ने विभिन्न विभागों के साथ तैयारियों की समीक्षा भी की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान, तकनीकी तैयारियों की समीक्षा
जन्मशताब्दी समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सुरक्षा, आईटी, विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, परिवहन और अन्य विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई है।देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति और समारोह के प्रमुख समन्वयक डॉ. चिन्मय पंड्या ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की प्रगति का जायजा लिया।आधुनिक तकनीक की मदद से आयोजन को व्यवस्थित बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, सुरक्षा में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन या किसी विशेष हाईटेक निगरानी प्रणाली की तैनाती का विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
31 अक्टूबर से शुरू होगा तीन दिवसीय महोत्सव
गायत्री परिवार के अनुसार, जन्मशताब्दी समारोह का दूसरा चरण 31 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 2 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान आध्यात्मिक साधना, संगठनात्मक सम्मेलन, समाज निर्माण और नारी जागरण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।समारोह का मुख्य उद्देश्य माता भगवती देवी शर्मा के जीवन, विचारों और सामाजिक योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना है।इस आयोजन में गायत्री परिवार के देशभर में सक्रिय कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन में संगठन के भविष्य के कार्यक्रमों और समाज सेवा से जुड़े अभियानों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन आमंत्रण आधारित है। इसमें भाग लेने के लिए शांतिकुंज द्वारा जारी आमंत्रण पत्र आवश्यक होगा।
देश-विदेश से पहुंचेंगे गायत्री परिवार के सदस्य
जन्मशताब्दी महोत्सव को लेकर विभिन्न राज्यों में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के कार्यकर्ताओं ने आयोजन में भागीदारी की तैयारियां की हैं।गायत्री परिवार ने जन्मशताब्दी वर्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में जनजागरण अभियान और ज्योति कलश यात्राओं का आयोजन किया है। इन यात्राओं के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।समारोह में देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा।
माता भगवती देवी शर्मा के योगदान को किया जाएगा याद
माता भगवती देवी शर्मा ने गायत्री परिवार के आध्यात्मिक और सामाजिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन उन्हें नारी जागरण, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणास्रोत मानता है।उनकी जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक भागीदारी और नैतिक नेतृत्व जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा।आयोजकों के अनुसार, माता भगवती देवी शर्मा के विचारों का केंद्रीय संदेश महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित नहीं रखना, बल्कि समाज निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।इस अवसर पर महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
अखंड दीप और श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष
यह आयोजन केवल माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना तथा अखंड दीप के प्रज्वलन की शताब्दी भी मनाई जा रही है।गायत्री परिवार की मान्यताओं में अखंड दीप आध्यात्मिक साधना, निरंतर जागरूकता और समाज के कल्याण के संकल्प का प्रतीक माना जाता है।इसी वजह से संगठन वर्ष 2026 को विशेष शताब्दी वर्ष के रूप में मना रहा है। जनवरी में हरिद्वार में आयोजित शताब्दी समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे।
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे स्वयंसेवक
आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए गायत्री परिवार के स्वयंसेवक विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों का मार्गदर्शन, पंजीकरण, अनुशासन, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमों की भूमिका निर्धारित की जा रही है।बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रवेश व्यवस्था और आवागमन का सुचारू संचालन महत्वपूर्ण रहेगा।आयोजन समिति ने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और निर्धारित निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों को आधिकारिक सूचनाओं के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
नारी जागरण और राष्ट्र निर्माण का दिया जाएगा संदेश
तीन दिवसीय समारोह में गायत्री परिवार के प्रमुख विचारों—व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण—को विशेष महत्व दिया जाएगा।संगठन का मानना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए व्यक्तिगत आचरण, संस्कार, शिक्षा और सेवा भाव को मजबूत बनाना आवश्यक है।समारोह में युवाओं की भूमिका, महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से आने वाले वर्षों में संगठन के जनजागरण अभियानों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
31 अक्टूबर से दिल्ली में आध्यात्मिक महोत्सव
जन्मशताब्दी समारोह शुरू होने में अब केवल दो दिन शेष हैं। ऐसे में आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाला यह महोत्सव गायत्री परिवार के लिए वर्ष 2026 का प्रमुख आयोजन माना जा रहा है। आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ सेवा, संस्कार, नारी सशक्तीकरण और सामाजिक परिवर्तन का संदेश इस समारोह का मुख्य केंद्र रहेगा।
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