नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिका के दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की कथित मुलाकात को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार को पुरी और एपस्टीन के संपर्कों की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, सोशल मीडिया पर दोनों की कथित मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद कई विपक्षी दलों ने भी केंद्रीय मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है।
कांग्रेस महासचिव ने पीएम मोदी से पूछे सवाल
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के कथित संबंधों के बारे में जानकारी थी।उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने कोई कार्रवाई नहीं की। वेणुगोपाल ने हाल में सामने आई तस्वीरों और दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए मामले की गंभीरता पर सवाल उठाए।कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पुरी ने एपस्टीन से उस स्थान पर मुलाकात की थी, जिसे एपस्टीन के यौन अपराधों से जोड़ा गया है।हालांकि, मुलाकात के स्थान और उसके उद्देश्य को लेकर वेणुगोपाल के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की एपस्टीन से मुलाकात या उसके साथ तस्वीर सामने आना अपने आप में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आने से विवाद
यह विवाद उस समय तेज हुआ, जब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें प्रसारित हुईं, जिनमें कथित तौर पर हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन एक कमरे में बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।रिपोर्टों के अनुसार, इन तस्वीरों को अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों से जुड़ा बताया जा रहा है।तस्वीरों के सामने आने के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की मांग की है।विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है कि यदि मुलाकात केवल आधिकारिक कार्यों से संबंधित थी, तो तस्वीरों में दिखाई दे रही बैठक का पूरा संदर्भ सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हरदीप पुरी पहले दे चुके हैं सफाई
एपस्टीन से संपर्कों को लेकर हरदीप सिंह पुरी फरवरी 2026 में भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।पुरी ने बताया था कि उनकी एपस्टीन से मुलाकातें उस समय हुई थीं, जब वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे थे।उनके अनुसार, इन मुलाकातों का संबंध पेशेवर गतिविधियों से था और वह प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में एपस्टीन से मिले थे।पुरी ने एपस्टीन के निजी द्वीप पर जाने से भी इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक जीवन में कई प्रकार के लोगों से मुलाकात होती है और केवल किसी व्यक्ति से मिलने के आधार पर गलत निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
विपक्ष ने पुरानी सफाई पर भी उठाए सवाल
नए घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों ने केंद्रीय मंत्री की पहले दी गई सफाई पर सवाल उठाए हैं।कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी तस्वीरों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या पुरी की एपस्टीन से अकेले मुलाकात हुई थी।इसी तरह तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने भी केंद्रीय मंत्री से जवाब मांगा है।विपक्ष का कहना है कि मुलाकात के उद्देश्य, समय और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।हालांकि, इन आरोपों से यह साबित नहीं होता कि पुरी एपस्टीन के अपराधों में शामिल थे।
कौन था जेफ्री एपस्टीन?
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका का एक वित्त कारोबारी था, जिसे नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया गया था।वर्ष 2019 में यौन तस्करी से जुड़े संघीय आरोपों में गिरफ्तारी के बाद न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई थी।एपस्टीन के विभिन्न राजनीतिक, कारोबारी और सामाजिक हस्तियों से संपर्कों को लेकर अमेरिका सहित कई देशों में लंबे समय से विवाद रहा है।अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी दस्तावेजों और तस्वीरों के आधार पर कई प्रमुख व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों की सार्वजनिक जांच-पड़ताल होती रही है।
मामले पर केंद्र सरकार से जवाब की मांग
हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की कथित मुलाकात की तस्वीरों ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जबकि अन्य विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।फिलहाल इस नए विवाद पर पुरी की ताजा विस्तृत प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हो सकी है। उनकी ओर से पहले दी गई सफाई और विपक्ष के नए आरोपों के बीच उठे सवालों का समाधान उपलब्ध दस्तावेजों तथा सत्यापित तथ्यों से ही हो सकेगा।
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