PM Modi ने घरेलू दौरों में घटाया काफिला, सुरक्षा प्रोटोकॉल बरकरार

Update: 2026-05-13 04:25 GMT

Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल के घरेलू दौरों के दौरान अपने काफिले का आकार उल्लेखनीय रूप से कम कर दिया है। सूत्रों के अनुसार यह कदम प्रशासनिक सरलता और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाई गई है, लेकिन सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल पहले की तरह पूरी तरह लागू रखे गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह बदलाव प्रधानमंत्री के हालिया गुजरात और असम दौरों के बाद लागू किया गया। बताया जा रहा है कि यह निर्णय हैदराबाद में दिए गए एक सार्वजनिक भाषण के तुरंत बाद की गई समीक्षा के आधार पर लिया गया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और काफिले के संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित करने पर विचार किया गया।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा जिम्मेदारी संभालने वाली स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने यह सुनिश्चित किया है कि काफिले में वाहनों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन सुरक्षा स्तर में किसी भी प्रकार की कमी न हो। सभी मानक सुरक्षा उपाय, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखे गए हैं।

Special Protection Group (SPG) के सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य काफिले की गतिशीलता को बेहतर बनाना और यात्रा के दौरान ट्रैफिक व सुरक्षा समन्वय को अधिक सुचारू करना है। इससे काफिले की गति और संचालन क्षमता में सुधार हुआ है, जबकि सुरक्षा घेरा पूरी तरह मजबूत बना हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे अब भी उच्च सुरक्षा श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, और किसी भी स्तर पर सुरक्षा में ढील नहीं दी गई है। केवल गाड़ियों की संख्या को तर्कसंगत बनाया गया है ताकि अनावश्यक भीड़ और सड़क पर दबाव को कम किया जा सके।

यह भी बताया जा रहा है कि विभिन्न राज्यों के हालिया दौरों के दौरान इस नए मॉडल का परीक्षण किया गया और इसे प्रभावी पाया गया। विशेष रूप से गुजरात और असम के दौरों में काफिले की नई संरचना के तहत यात्रा को अधिक सहज और नियंत्रित माना गया।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम आधुनिक वीवीआईपी मूवमेंट प्रबंधन की दिशा में एक व्यावहारिक बदलाव माना जा सकता है, जहां सुरक्षा और दक्षता दोनों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकारी स्तर पर इस बदलाव को आधिकारिक रूप से व्यापक सुधार के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भविष्य में अन्य उच्चस्तरीय दौरों में भी इसी मॉडल को अपनाया जा सकता है।

फिलहाल प्रधानमंत्री का काफिला पहले की तरह पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है, लेकिन कम वाहनों के साथ अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित रूप में देखा जा रहा है।

Tags:    

Similar News