Delhi दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से बातचीत कर ब्लैक सी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और भारत इनकी स्पष्ट रूप से निंदा करता है। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ उनकी दोबारा बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष से जुड़े हालिया घटनाक्रम और शांति वार्ता की दिशा में हो रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।
जयशंकर ने कहा कि भारत लगातार सभी संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने की वकालत करता रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों का असर वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों का सीधा प्रभाव ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। जयशंकर ने कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष को लेकर शुरुआत से ही शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में रहा है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच भविष्य में भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच ब्लैक सी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर कई देश लगातार चिंता जाहिर कर रहे हैं।