नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत की फिनटेक इंडस्ट्री से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को दुनिया के और अधिक देशों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की जरूरत है, ताकि दूसरे देश भी इसका लाभ उठा सकें और विदेशों में रहने वाले लाखों भारतीयों को पैसे भेजने की प्रक्रिया आसान और सस्ती हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के 7वें संस्करण के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में कहा कि भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में पिछले एक दशक में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। अब समय है कि इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए भारतीय डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाया जाए।

UPI को ग्लोबल बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस आज भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की पहचान बन चुका है। उन्होंने फिनटेक कंपनियों से अपील की कि वे UPI को ज्यादा से ज्यादा देशों में पहुंचाने और वहां के स्थानीय पेमेंट नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम करें।

उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था केवल लेन-देन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आर्थिक समावेशन और लोगों को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है।

11 देशों में काम कर रहा है UPI

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि UPI पहले से ही 11 देशों में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में कई देशों के साथ सहयोग बढ़ाया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि UPI को सिंगापुर के घरेलू भुगतान सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान और धन हस्तांतरण को आसान बनाने में मदद मिली है।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। उन्हें अपने परिवारों को पैसे भेजने के लिए कई बार अधिक शुल्क और जटिल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि UPI और अन्य डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने से विदेशों में रहने वाले भारतीयों को कम लागत में और तेज तरीके से पैसे भेजने की सुविधा मिल सकती है।

फिनटेक कंपनियों की भूमिका अहम

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के फिनटेक इकोसिस्टम ने पिछले वर्षों में तेजी से विकास किया है। अब भारतीय कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे इस अनुभव और तकनीक को दुनिया के सामने रखें।

उन्होंने फिनटेक सेक्टर से नवाचार को बढ़ावा देने और ऐसे समाधान विकसित करने की अपील की, जिनसे आम लोगों को आसान, सुरक्षित और किफायती वित्तीय सेवाएं मिल सकें।

डिजिटल पेमेंट में भारत की बढ़ती भूमिका

भारत में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक, UPI ने भुगतान के तरीके को काफी बदल दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने देश में पारदर्शिता बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में डिजिटल भविष्य पर चर्चा

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के मंच से प्रधानमंत्री ने वित्तीय तकनीक के भविष्य को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के जरिए बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को उन लोगों तक पहुंचाया जा सकता है, जो पहले इन सुविधाओं से दूर थे।

भारत के डिजिटल मॉडल की दुनिया में चर्चा

भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था को कई देश एक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। UPI की सफलता ने भारत को डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल अपनी डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करना नहीं है, बल्कि दुनिया के देशों के साथ सहयोग कर डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना भी है।

फिनटेक सेक्टर के लिए नए अवसर

UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार से भारतीय फिनटेक कंपनियों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे कंपनियों को वैश्विक बाजार में अपनी तकनीक और सेवाओं का विस्तार करने का मौका मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान नेटवर्क के विस्तार से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और प्रवासी भारतीयों के लिए वित्तीय लेन-देन और आसान हो सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। UPI को दुनिया के अन्य देशों तक पहुंचाना इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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