Delhi दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM (Government e-Marketplace) के 10वें स्थापना दिवस कार्यक्रम की ब्रीफिंग में शामिल हुए। इस दौरान GeM की अब तक की यात्रा, सरकारी खरीद व्यवस्था में इसके योगदान और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा हुई। GeM की स्थापना सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले एक दशक में यह सरकारी खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। इसके माध्यम से विभिन्न सरकारी संस्थाएं ऑनलाइन तरीके से सामान और सेवाओं की खरीद कर सकती हैं।
कार्यक्रम में GeM के जरिए सरकारी खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और छोटे कारोबारियों तथा एमएसएमई को बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से सरकारी खरीद प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई कम करने और खरीद प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिली है। GeM के माध्यम से बड़ी संख्या में विक्रेता और सेवा प्रदाता सरकारी खरीदारों से जुड़ते हैं। इससे छोटे व्यवसायों और स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर भी बढ़ा है। प्लेटफॉर्म पर विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनकी खरीद अलग-अलग सरकारी विभागों और संस्थाओं द्वारा की जाती है।
पीयूष गोयल के कार्यक्रम में शामिल होने को GeM की डिजिटल सरकारी खरीद व्यवस्था के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थापना दिवस के मौके पर प्लेटफॉर्म की उपलब्धियों के साथ-साथ इसे और अधिक प्रभावी बनाने तथा सरकारी खरीद प्रक्रिया को बेहतर करने की दिशा में आगे की योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। GeM के 10 वर्ष पूरे होने के साथ सरकार का जोर डिजिटल माध्यम से सरकारी खरीद को और मजबूत करने पर है। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ विक्रेताओं और सरकारी खरीदारों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है।