नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस हादसे में अब एक पीजी संचालक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इमारत के मालिक, लीज होल्डर्स और निर्माण व मरम्मत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ‘हॉस्टल डेज़’ नाम से पीजी संचालित करने वाले दो बिजनेस पार्टनर्स में से एक सुधांशु को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

पीजी संचालक पर जांच का शिकंजा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इमारत के मालिक महेश ने अपनी प्रॉपर्टी सुधांशु को लीज पर दी थी। इसके बाद इस इमारत में पीजी का संचालन किया जा रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीजी संचालन के दौरान इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव और निर्माण संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि इमारत में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं।

हादसे में सात लोगों की हुई थी मौत

सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना ने पूरे दिल्ली को झकझोर दिया था। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग प्रभावित हुए थे।

घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया था। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दलों ने काफी मशक्कत की थी।

हादसे के बाद इमारतों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और पुराने भवनों की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे थे।

लीज होल्डर्स की भूमिका की जांच

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इमारत को लीज पर लेने वाले लोगों की जिम्मेदारी क्या थी और उन्होंने भवन की स्थिति को लेकर कोई कदम उठाया था या नहीं।

जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि क्या पीजी संचालन के दौरान किसी तरह का अतिरिक्त निर्माण, बदलाव या मरम्मत का काम कराया गया था।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अगर इमारत में पहले से कोई कमजोरी थी तो उसकी जानकारी संबंधित लोगों को थी या नहीं।

निर्माण और मरम्मत कार्यों पर नजर

जांच एजेंसियां इमारत में हुए निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि हादसे की असली वजह का पता लगाने के लिए यह जानना जरूरी है कि भवन में समय-समय पर क्या बदलाव किए गए थे।

यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद दिल्ली में पीजी और किराये की इमारतों में सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में छात्र और कामकाजी लोग पीजी में रहते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी इमारतों में फायर सेफ्टी, भवन की मजबूती और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी है।

पुलिस जुटा रही दस्तावेज और रिकॉर्ड

पुलिस इमारत से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। इसमें लीज एग्रीमेंट, निर्माण अनुमति, मरम्मत से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिस हादसे के समय मौजूद लोगों और आसपास के निवासियों से भी जानकारी जुटा रही है।

जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ पीजी संचालक ही नहीं, बल्कि इमारत के रखरखाव और निर्माण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

आगे की जांच अहम

सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इमारत की वास्तविक स्थिति क्या थी और क्या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी।

सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में पुरानी और कमजोर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार थे।

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