"पवन खेड़ा टट्टू हैं": मणिशंकर अय्यर ने Congress के वरिष्ठ नेताओं पर विवादित टिप्पणी की

Update: 2026-02-16 13:55 GMT
NEW DELHI : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी के अंदर गंभीर बयानबाजी की है। अय्यर ने शशि थरूर, जयराम रमेश और पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि ये नेता पार्टी की दिशा और छवि को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने शशि थरूर पर आरोप लगाया कि वे पार्टी लाइन से अलग बयान देकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। अय्यर ने कहा कि थरूर “अगला विदेश मंत्री बनने के लिए पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे हैं।” थरूर ने पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर पार्टी से अलग रुख अपनाया है और सार्वजनिक रूप से अपने विचार रखे हैं।
अय्यर ने जयराम रमेश पर भी निशाना साधा और कहा कि वह केवल अपनी नौकरी बचाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पवन खेड़ा को पार्टी की “कठपुतली” बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस प्रवक्ता के लिए पवन खेड़ा से बेहतर विकल्प नहीं ढूंढती है, तो पार्टी की स्थिति वर्तमान जैसी ही बनी रहेगी। अय्यर ने यह बयान नामी न्यूज़ चैनल के सामने एक इंटरव्यू में दिया।
मणिशंकर अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि विजयन आने वाले विधानसभा चुनाव में एक बार फिर लेफ्ट पार्टी के CM फेस होंगे। हालांकि, पार्टी के बड़े नेताओं ने अय्यर के इस बयान से दूरी बनाई थी। पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर का कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और वह अपनी व्यक्तिगत क्षमता से बयान दे रहे हैं।
अय्यर ने यह भी कहा कि कांग्रेस केरल में होने वाला विधानसभा चुनाव जीतने में सफल नहीं होगी, क्योंकि पार्टी के नेता एक-दूसरे से इतनी नफरत करते हैं जितनी वे कम्युनिस्टों से नहीं करते। उनका यह बयान पार्टी के अंदर बढ़ती अंतर-नेतृत्व प्रतिस्पर्धा और मतभेदों को उजागर करता है।
शशि थरूर पर अय्यर ने कहा कि वह “एंटी पाकिस्तान” हैं और विदेश मंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। उन्होंने पवन खेड़ा को लेकर कहा कि वह पार्टी के स्पोक्सपर्सन नहीं बल्कि कठपुतली हैं, और पिछले दो साल से उन पर आरोप लगाते रहे हैं।
मणिशंकर अय्यर के बयान ने कांग्रेस के अंदरूनी विवाद और नेताओं के बीच बढ़ती राजनीति को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, पार्टी में नेतृत्व और संचार की कमजोरी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी प्रवक्ता के लिए पवन खेड़ा से बेहतर विकल्प नहीं खोजती है, तो पार्टी की स्थिति वर्तमान जैसी बनी रहेगी।
अय्यर ने यह सभी बातें 2026 के शुरुआत में नामी न्यूज़ चैनल
 से बातचीत में कही। उनके बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बचा और कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद होते रहते हैं। इस बीच राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की कमजोर होती आंतरिक संवाद व्यवस्था और नेतृत्व संकट के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में शशि थरूर ने कई बार पार्टी लाइन से अलग बयान दिया है, खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर। वहीं, पवन खेड़ा कांग्रेस के मीडिया और संचार हेड के रूप में सक्रिय हैं, लेकिन अय्यर का कहना है कि वह केवल पार्टी की कठपुतली हैं। जयराम रमेश पर आरोप है कि वह केवल अपने पद को बचाने के लिए काम कर रहे हैं।
इस विवाद के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और मतभेद पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। अय्यर के बयान ने न केवल पार्टी की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि आगामी चुनावों में भी संभावित प्रभाव डालने की संभावना जताई जा रही है।
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